नगर निगम में शामिल हुए हो गये 10 वर्ष, फिर भी सड़क का पता नहीं

गया : सड़क के नाम पर जगह-जगह कीचड़,गड्ढा,लोग हाथ में चप्पल लेकर सड़क पर जा रहे हों,तो समझ जाये कि कलेर-चपरदह रोड में पहुंच गये हैं.बरसात शुरू होते ही इस रोड में रहनेवाले सड़क के दोनों तरफ लगभग 400 घरों के लोगों को फजीहत उठानी पड़ती है. वार्ड नंबर 29 स्थित कलेर डाक स्थान से […]

गया : सड़क के नाम पर जगह-जगह कीचड़,गड्ढा,लोग हाथ में चप्पल लेकर सड़क पर जा रहे हों,तो समझ जाये कि कलेर-चपरदह रोड में पहुंच गये हैं.बरसात शुरू होते ही इस रोड में रहनेवाले सड़क के दोनों तरफ लगभग 400 घरों के लोगों को फजीहत उठानी पड़ती है. वार्ड नंबर 29 स्थित कलेर डाक स्थान से चपरदह रोड तक एक किलोमीटर की सड़क कच्ची है.
रोड नहीं बनने के कारण लोगों को गाड़ी क्या पैदल चलना भी मुश्किल है. अधिक बारिश होने पर लोगों को बाइक मुख्य सड़क पर ही लगाकर अपने घर को जाना पड़ता है. इस मुहल्ले को 10 वर्ष पहले 2008 में ही नगर निगम में शामिल किया गया है. सड़क बनाने के लिए लोगों ने लोक जन शिकायत निवारण, प्रमंडलीय आयुक्त,डीएम व नगर आयुक्त के यहां कई बार चक्कर लगा चुके हैं.
यही नहीं इस रोड पर पड़ने वाली वीर कुंवर सिंह कॉलोनी में गया के सांसद हरि मांझी का भी मकान हैं. कई बार सांसद ने भी सड़क जल्द बनाने का आश्वासन दिया है. विधान पार्षद डॉ उपेंद्र प्रसाद ने 2017 में इस रोड को लेकर विधान पर्षद में सवाल भी उठाये थे.क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि सड़क न बनने के कारण 70 फुट चौड़ी सड़क अब महज 30 फुट ही बच गया है.
नगर निगम ने खड़े किये हाथ
नगर आयुक्त ने जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के पास परिवाद की सुनवाई में साफ कहा कि कलेर-चपरदह रोड कच्ची है. इसकी चौड़ाई लगभग 30 फुट व लंबाई एक किलोमीटर है. इसे बनाने में करीब 50 लाख रुपये का खर्च आयेगा.चपरदह रोड को बनाने के लिए निगम के पास कोई फंड नहीं है. कई बार स्थानीय पार्षद राकेश कुमार ने बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव लाकर कहा है कि इसका एस्टिमेट बनाकर राज्य सरकार के पास स्वीकृति के लिए भेज दी जाये.
अब लोगों ने साफ कह दिया है कि नगर निगम को समय पर टैक्स देने वाले इस मुहल्ले से सड़क बनने तक टैक्स नहीं दिया जायेगा. सड़क बनाने के लिए लोग ने स्थानीय स्तर पर हस्ताक्षर अभियान चलाया हैं.लोगों ने बताया कि सड़क बनने के बाद मेडिकल कॉलेज मोड़ पर लगनेवाले जाम से भी लोगों को निजात मिल जायेगी.

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