माैसी के घर से लाैट आये भगवान जगन्नाथ, मंदिर में हुए विराजमान

बोधगया : बाेधगया में प्राचीन जगन्नाथ मंदिर से निकलकर भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा के साथ तीन अलग-अलग रथाें पर सवार हाेकर गाजे-बाजे साथ शनिवार काे अपनी माैसी के घर बाेधगया स्थित शंकराचार्य मठ गये थे. उनके रथाें काे खींचने के लिए श्रद्धालुआें में हाेड़ मची थी. दूसरे दिन रविवार काे अपनी माैसी […]

बोधगया : बाेधगया में प्राचीन जगन्नाथ मंदिर से निकलकर भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा के साथ तीन अलग-अलग रथाें पर सवार हाेकर गाजे-बाजे साथ शनिवार काे अपनी माैसी के घर बाेधगया स्थित शंकराचार्य मठ गये थे. उनके रथाें काे खींचने के लिए श्रद्धालुआें में हाेड़ मची थी.
दूसरे दिन रविवार काे अपनी माैसी की घर से मेहमाननवाजी कर सज-धज कर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा अपने-अपने रथाें पर सवार हाेकर अपने ठिकाने जगन्नाथ मंदिर आ गये. उनके रथाें काे खींचने के लिए श्रद्धालुआें की भीड़ उमड़ पड़ी. सभी रथ का पहिया धकेलने व रस्सा खींचने लिए आपाधापी करते देखे गये. इस दाैरान पूरा बाेधगया परिक्षेत्र धर्ममय हाे गया.
मंदिर पहुंचते ही भगवान की उतारी गयी आरती भगवान जगन्नाथ के जयघाेष के बीच रथ का पहिया धीरे-धीरे अपने मंजिल की आेर पहुंचा, जिस पर विराजमान भगवान की आरती उतारी गयी. जगन्नाथ मंदिर में उनके आगमन काे लेकर तरह-तरह के पकवान बनाये गये थे. भजन-कीर्तन हाेता रहा. मंदिर काे सजाया गया था.
रथ से उन्हें उतार कर वैदिक मंत्राेच्चार के बीच मंदिर के पुजारी ने उन्हें अपने-अपने स्थान पर विराजमान कराया. मंदिर पहुंचते ही भगवान के दर्शन व पूजन के लिए श्रद्धालुआें की भीड़ उमड़ पड़ी. इस दाैरान पुलिस की आेर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये थे. जिन सड़काें से भगवान का रथ गुजर रहा था लाेगाें में भगवान की एक झलक पाने का गजब का उमंग व उत्साह था. इस दाैरान बाेधगया जगन्नाथ मंदिर प्रबंधन समिति की ऊषा डालमिया, राय मदन किशाेर, भाेला मिश्रा समेत अन्य माैजूद थे.D

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >