गया : देशी शराब बनाने के मामले में पिता व पुत्र को कोर्ट ने सोमवार को साढ़े तीन साल की सजा सुनायी है. उत्पाद न्यायालय सच्चिदानंद सिंह की अदालत में शेरघाटी थाना कांड संख्या 331/11 में शेरघाटी के पलकिया निवासी रामप्रवेश सिंह व गुड्डु सिंह को साढ़े तीन-तीन साल की सजा सुनायी. इस मामले के सूचक अवर निरीक्षक अरुण कुमार सिंह ने अपनी प्राथमिकी में कहा है कि 10 अक्तूबर 2011 को गुप्त सूचना मिली कि एक घर में अवैध तरीके से देशी शराब बनाने का धंधा चल रहा है.
सूचना मिलने के बाद जब पुलिस ने पलकिया गांव के रामप्रवेश सिंह के घर पर छापा मारा तो तलाशी के क्रम में घर के दक्षिणी हिस्से में बने कमरे में शराब बनाने का काम हो रहा था. यहां से पुलिस ने प्लास्टिक के 16 लीटर के दो डिब्बे समेत एक प्लास्टिक की बाल्टी में 200 एमएल के देशी शराब का पाउच पाया. इसके अलावा आधा बोरा में भी 200 एमएल देशी शराब का पाउच जब्त किया. पुलिस को यहां से 30 लीटर स्पिरिट व बिहार उत्पाद लिखा पाउच एक बोरा में मिला.
इस मामले में अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अभियुक्त रामप्रवेश सिंह व उसके पुत्र गुड्डु सिंह को धारा 269 में छह माह, 270 में एक साल, 272 में छह माह, 47 (ए)उत्पाद एक्ट में साढ़े तीन साल व 30 हजार रुपये जुर्माना व 47 (डी) में साढ़े तीन साल व 30 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनायी है. जुर्माना नहीं अदा करने की सूरत में छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भी सुनायी है.
