मानपुर : गया में गरमा मूंग फसल की खेती बड़े पैमाने पर होती है. लेकिन, तेज लू व गर्म हवाओं ने मूंग की फसल को जला दिया. बरेव गांव के किसान बबन सिंह ने बताया कि फसल की सिंचाई भी की. खेत के अंदर नमी बनी है लेकिन, पौध तेज धूप से झुलस गयेेेे. मूंग फसल में लगी फली में दाने नहीं बने. जो दाने बने भी वह काफी कमजोर दिख रहेे हैं.
इससे किसानों की कमर टूट गयी. कुछ किसानों ने पंप सेट के सहारे धान के बीज खेतों में डाले, पर उसका अंकुरण सूख रहा है. प्रगतिशील किसान सदानंद चौरसिया ने बताया कि रोहन नक्षत्र समाप्त होने के बाद मृगशिरा नक्षत्र चल रहा है. कुछ दिनों में आद्रा नक्षत्र आने वाला है लेकिन, एक बार भी बारिश नहीं हुई.
क्या कहते हैं कृषि वैज्ञानिक : कृषि विज्ञान केंद्र के फसल वैज्ञानिक डॉ गोविंद कुमार ने बताया कि तेज लू से बचाव के लिए फसलों की सिंचाई दोपहर में नहीं करें. सिंचाई चार बजे शाम से सुबह आठ बजे के बीच करें. दोपहर में सिंचाई करने पर पौधा को लू मार देता है. इससे खेत में नमी रहने के बाद भी पौधे झुलस रहे हैं. मूंग के फली को पुष्ट करने के लिए किसान फूल आने के समय बोरोन एक लीटर पानी में पांच ग्राम व पोटाश एक लीटर पानी में 10 ग्राम मिला कर घोल बना लें. इसके बाद सुबह या शाम के समय अपने मूंग के फसल पर स्प्रे मशीन से स्प्रे करें.
