लापरवाही. उचित तरीके से रखरखाव नहीं होने से सुरक्षा पर सवाल
नगर निगम ने डेढ़ साल पहले कई जगहों पर लगवाये थे कैमरे
सीसीटीवी कैमरों के रखरखाव के लिए एजेंसी का नहीं हो सका फैसला
गया : डेढ़ वर्ष पहले शहर के विभिन्न जगहों पर नगर निगम की ओर से शहर की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाये गये थे. रखरखाव के अभाव में कैमरे लगभग जगह पर बंद हो गये हैं. निगम की ओर से चांद चौरा, राजेंद्र आश्रम, विष्णुपद आदि जगहों पर कैमरे लगाये गये हैं. शुरू में यह घोषणा की गयी थी कि कैमरा के सहारे नालियों की सफाई पर निगरानी के साथ-साथ आपराधिक घटनाओं पर भी नजर रखी जायेगी. इसके लिए सिटी एसपी के कार्यालय व नगर निगम के जवाहर टाउन हॉल में कंट्रोल रूम बनाया जाना तय किया गया था. लेकिन, कंट्रोल रूम केवल जवाहर टाउन हॉल में ही बन सका.
निगम सूत्रों का कहना है कि कैमरा लगाने वाली कंपनी को 39 लाख रुपये में 30 जगहों पर कैमरे के साथ पूरा नेटवर्क तैयार कर देने के अलावा एक वर्ष तक रखरखाव करना था. कंपनी ने एक वर्ष तक रखरखाव किया. समय पूरा होने के बाद कई बार फाइल अधिकारियों के पास भेजा गया पर रखरखाव की अवधी नहीं बढ़ायी जा सकी. इसके कारण लगभग सभी जगहों पर कैमरे बंद पड़े हैं.
कई जगहों पर निजी कंपनी ने लगाये कैमरे
शहर में स्टेशन रोड, स्वराजपुरी रोड, जीबी रोड आदि जगहों पर प्राइवेट कंपनी ने कैमरे लगाये हैं. कंट्रोल रूम सिविल लाइंस थाना में बनाया गया है. सूत्रों का कहना है कि इन जगहों पर कैमरा हाइपावर का नहीं होने के कारण कुछ भी साफ रिकॉर्डिंग नहीं हो पाती है. जबकि, कंपनी से निगम के करार के मुताबिक जगह-जगह हाइपावर कैमरेेेे लगाये जाने थे लेकिन, किसी ने इस पर निगरानी नहीं रखी.
जल्द चालू होंगे सीसीटीवी कैमरे
रखरखाव करनेवाली कंपनी के साथ आगे के लिए एग्रीमेंट करने का प्रस्ताव बोर्ड से पारित कर दिया गया है. अधिकारी के स्थायी नहीं होने के कारण मामला लटक रहा था. रखरखाव का टेंडर भी निकाला जा चुका है. जल्द ही फैसला लेकर कैमरों को चालू करा लिया जायेगा.
वीरेंद्र कुमार, मेयर
