हत्या के मामले में दोषी को आजीवन कारावास

गया : त्वरित न्यायालय प्रथम दिग्विजय सिंह की अदालत में गुरुवार को बोधगया थाना कांड संख्या 151/16 में चेरकी के कोरमा निवासी लखन पासवान को आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी. इस मामले के सूचक चेरकी के सादोपुर निवासी चौकीदार राजदेव कुमार ने अपनी प्राथमिकी में कहा कि नौ मई 2016 को रात्रि गश्ती के […]

गया : त्वरित न्यायालय प्रथम दिग्विजय सिंह की अदालत में गुरुवार को बोधगया थाना कांड संख्या 151/16 में चेरकी के कोरमा निवासी लखन पासवान को आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी. इस मामले के सूचक चेरकी के सादोपुर निवासी चौकीदार राजदेव कुमार ने अपनी प्राथमिकी में कहा कि नौ मई 2016 को रात्रि गश्ती के दौरान शेखाबिगहा पुल के पास एक महिला की लाश पड़ी मिली.
इस मामले में जब पुलिस ने छानबीन की, तो पता चला कि रांची की रहनेवाली जया देवी उर्फ जया कुजूर की वह लाश है. यह भी पता चला कि लखन पासवान का पुत्र दीपक कुमार रांची में स्कूल बस चलाता था और वहीं उसकी मुलाकात जया देवी से हुई थी, जहां इन दोनों ने शादी कर ली थी. यही बात दीपक के पिता लखन पासवान व उसकी पहली पत्नी कांति देवी को नागवार गुजरी. इन सभी ने मिल कर जया की हत्या कर दी और शव को शेखा बिगहा पुल के पास फेंक दिया. इस मामले में लखन पासवान ट्रायल फेस कर रहा था.
अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अभियुक्त लखन पासवान को धारा 304/34 में आजीवन कारावास व 25 हजार रुपये जुर्माना, धारा 201/34 में सात साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना और धारा 120बी/34 में आजीवन कारावास की सजा सुनायी. यह सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी. इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल आठ गवाहों की गवाही हुई. अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक कमल किशोर पंडित ने बहस की.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >