सारठ. चितरा कोलयरी के दुखिया बाबा मंदिर प्रांगण में नौ दिवसीय श्री श्री 1008 लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का समापन मंगलवार को हो गया. धर्म ग्रंथों के अनुसार महायज्ञ में जो भक्त यज्ञ मंडप की परिक्रमा करते हैं उनके सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैैं. उन्हें सभी तीर्थों का फल मिलता है. महायज्ञ के दौरान 33 कोटि देवी-देवताओं का समागम होता है.
परिक्रमा करने वालों को धर्म, अर्थ, काम , मोक्ष , सुख शांति व समृद्धि की प्राप्ति होती है. कलियुग में महायज्ञ करने वालों पर भी भगवत कृपा बरसती है. चितरा में इस वर्ष यज्ञ आयोजन का 37वां वर्ष था. यज्ञ के दौरान हर दिन हजारों लोगों ने भक्ति के सागर में गोते लगाये.
वर्ष1982 से यहां यज्ञ का किया जा रहा हैं. यज्ञ समिति के अनुसार 25 वर्ष महारुद्र यज्ञ, इसके अलावा शिव शक्ति , विष्णु, गोपाल महायज्ञ और इस वर्ष लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का आयोजन किया गया. 37 वर्षों के दौरान यहां देश के सभी पीठों के शंकराचार्य, लक्ष्मण किलाधीश,अयोध्या, काशी, वृंदावन, प्रयाग से ख्याति प्राप्त रामकथा, भागवत कथा वाचक, फिल्मी जगत के कलाकार व भजन गायक अनूप जलोटा, अनुराधा पौंडवाल, शारदा सिन्हा, तृप्ति शाक्या समेत कई बड़े कलाकार यहां आ चुके हैं.
हजारों श्रद्धालुओं ने की परिक्रमा आंधी-तूफान में भी लोग डटे रहे
चितरा. पूर्णाहुति के पूर्व यज्ञ मंडप की परिक्रमा करने के लिए सारठ, पालोजोरी, सोनारायठाढ़ी समेत दूर-दूर के गांवों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे. पूर्व स्पीकर सह संरक्षक यज्ञ समिति चितरा शशांक शेखर भोक्ता, अध्यक्ष विवेकानाराण देव, सत्यनारायण राय, राजेश राय, ललित मिश्रा, अरुण पांडेय, कृष्णा महतो, युगल किशोर राय, धनंजय तिवारी, संजय मिश्रा, शिवशंकर चौधरी, राजकमल भोक्ता, संजय शर्मा, दीप नारायण पांडेय, उप मुखिया अमित मिश्रा, अनिरुद्ध यादव, दिलीप भोक्ता, प्रदीप भोक्ता, त्रिलोचन राय, गोपाल कृष्ण तिवारी, रतनलाल तिवारी, पागल अड्डी, ध्रुव तिवारी, मुरारी राय, मनोज भोक्ता, सुनील भोक्ता, रोहित चौधरी, तारा अड्डी, मल्लू साह समेत दर्जनों यज्ञ समिति के सदस्यों के अलावा हजारों श्रद्धालुओं ने परिक्रमा व पूर्णाहुति कार्यक्रम में भाग लिया. वहीं, सोमवार को आंधी व बारिश में भीग कर श्रद्धालुओं ने इलाहाबाद से आयी गायिका कविता निगम के भजन का आनंद उठाया. उन्होंने ‘मानो तो मैं गंगा मां हूं, मानो तो बहता पानी’ भजन प्रस्तुत कर सभी को भाव विभोर कर दिया. साथ ही उन्होंने सत्यम शिवम सुंदरम, लाली चुनर मेरी मां को सोहे व संदेशे आते हैं समेत अन्य भजन व देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया.
