बोले योगगुरु – भारत के चार मूल धर्म- हिंदू सिख, जैन व बाैद्ध
देश में अच्छे लाेगाें का शासन हाे, राजनीतिक शुचिता हाे, यह हरेक भारतीय चाहता है
आेवर व अनहेल्दी इटिंग ही बीमारी का खास कारण
गया : धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक व आध्यात्मिक धरा पर आने का पहली बार साैभाग्य मिला है. याेग के कारण ही पूरे विश्व में बाेधगया की प्रतिष्ठा व प्रसिद्धि है, जहां सिद्धार्थ ने बुद्धत्व व संबाेधि पाया था. ऐसी धरती पर तीन दिनाें तक रह कर सुबह-शाम याेग की सेवा करने का साैभाग्य मिल रहा है. शुक्रवार की शाम अतिथि भवन में याेग गुरु स्वामी बाबा रामदेव ने आयाेजित प्रेस वार्ता में उक्त बातें कहीं. वह देर शाम पटना में लालू प्रसाद के घर उनके बेटे विधायक तेज प्रताप व ऐश्वर्या की शादी समाराेह में शरीक हाेने के बाद गया पहुंचे थे. उन्हाेंने नवदंपती काे मंगलकामना दी. पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद से मिले व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बिहार से बाहर हाेने की स्थिति में मोबाइल से बातें कीं.
प्रभु भक्ति से कहीं बढ़ कर देशभक्ति है
एक सवाल के जवाब में बाबा रामदेव ने कहा कि जिंदगी में कभी राजनीति में विधायक, सांसद आदि का चुनाव नहीं लड़ूंगा. यह हमारी भीष्म प्रतिज्ञा है कि काेई चुनाव नहीं लड़ूंगा आैर न ही काेई राजनीतिक पद लेंगे. हां देश में अच्छे लाेगाें का शासन हाे. उनके अंदर राजनीतिक शुचिता हाे, यह हर भारतीय चाहता है, मैं भी चाहता हूं. मैं पूर्ण रूप से एक भारतीय हूं. अपने देश से बहुत मुहब्बत करता हूं. जितनी प्रभु भक्ति करता हूं उससे ज्यादा देश भक्ति काे स्थान देता हूं. मैं सर्वदलीय व निर्दलीय हूं.
याेग साइंटिफिक व सेक्यूलर प्रैक्टिस है
बाबा रामदेव ने कहा याेग के माध्यम से हमने आहार, विचार व संस्कार काे भी जाेड़ा है. याेग किसी मजहब से परे, एक साइंस है. उन्हाेंने कहा जब भारत में 3000 वर्ष पहले हिंदू शब्द नहीं था, 1400 साल पहले इस्लाम शब्द नहीं था, 2000 वर्ष पहले इसाई शब्द नहीं था तब उससे कहीं हजाराें साल पहले याेग था. याेग साइंटिफिक व सेक्यूलर प्रैक्टिस है. उन्हाेंने कहा वर्ल्ड हार्माेन व शांति भी याेग से ही मिलेगी. याेग की शरण में आयेंगे ताे खुशी, स्वास्थ्य व हॉर्मनी मिलेगी. उन्हाेंने कहा आेवर व अनहेल्दी इटिंग बीमारी का कारण है. याेग से साधारण व असाध्य राेगाें काे साै फीसदी ठीक किया जा सकता है. बाबा रामदेव ने कहा अब तक पूरे विश्व में वह 20 लाख किलाे मीटर की यात्रा कर चुके हैं. 10 कराेड़ से ज्यादा लाेगाें का शिविर में आना-जाना हुआ है. 5000 से अधिक शिविर लगा चुके हैं. उन्हाेंने कहा साइंटिफिक शाेध में पाया है कि मनुष्य में जितने भी राेग हैं उसे याेग के माध्यम से न केवल नियंत्रित बल्कि 100 प्रतिशत निराकरण भी कर सकते हैं.
हिंदू, जैन, सिख व बाैद्ध धर्माें का केंद्र है बिहार
उन्हाेंने कहा 30 साल हाे गये याेग का अलख जगाते-जगाते. फॉरेन रिटर्न का स्टैंप नहीं लगा रखा हूं. याेग काे याेगा हाेने से बचाना चाहता हूं. पहले भारतीय काे सिखाया फिर विदेशाें में भी याेग काे बढ़ावा दिया. अब ताे यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाने लगा है. बाबा रामदेव ने कहा याेग के माध्यम से स्वस्थ, सुंदर, सुखी समाज की स्थापना हाेगी. भारत के चार मूल धर्म हैं. हिंदू, सिख, जैन व बाैद्ध धर्म. बिहार इन चाराें धर्माें का केंद्र रहा है. बुद्ध के विहार की धरती, महावीर के जन्म व निर्वाण की धरती, सिखाें के 10वें गुरु गाेविंद सिंह की जन्मस्थली, हिंदू धर्म ताे यहां शिखर काे प्राप्त किया है. उन्हाेंने कहा जब हमारे अंदर पूर्ण ज्ञान, प्रेम, सुख-शांति है ताे बाहर के चीजाें से जुड़ने से बेहतर है अपने अंदर की पूर्णता से जुड़ें. उन्हाेंने कहा देश में याेग काे 25 प्रतिशत लाेगाें ने अपना लिया है. 100 कराेड़ लाेग याेग के बारे में जानने लगे हैं. विश्व में भी 10 प्रतिशत लाेग याेग के प्रति जागरूक हुए हैं. याेग सबसे ऊपर हैं, जाे स्वास्थ्य, मन की शांति व आत्मा की पूर्णता पाने का साधन है. इससे हमारा स्ट्रक्चर व कैरेक्टर भी ठीक हाे जाता है. मानसिक शांति के साथ तन, मन व आत्मा की शांति मिलती है. प्राणायाम व ध्यान दाे प्रमुख याेग हैं.
