गया : आर्थिक हल, युवाओं को बल कार्यक्रम के तहत स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में उच्च शिक्षा के लिए महिला, दिव्यांग व ट्रासंजेंडर आवेदकों को एक फीसदी की दर पर ऋण शिक्षा वित्त निगम मुहैया करायेगा. हाल ही में प्रदेश सरकार ने यह व्यवस्था की है. वहीं दूसरे आवेदकों (नो कास्ट वार)को चार फीसदी की दर से ऋण मिलेगा. जिला निबंधन व परामर्श केंद्र के प्रबंधक राजीव रंजन ने बताया कि बदली हुई व्यवस्था का लाभ अधिक-से-अधिक लोगों को मिले. इसके लिए शिविर का आयोजन किया जायेगा. ताकि पैसे की कमी के कारण उच्च शिक्षा पाने से वंचित इन वर्गों को लाभ मिल सके.
महिला, दिव्यांग और ट्रांसजेंडर को एक फीसदी ब्याज पर लाेन
गया : आर्थिक हल, युवाओं को बल कार्यक्रम के तहत स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में उच्च शिक्षा के लिए महिला, दिव्यांग व ट्रासंजेंडर आवेदकों को एक फीसदी की दर पर ऋण शिक्षा वित्त निगम मुहैया करायेगा. हाल ही में प्रदेश सरकार ने यह व्यवस्था की है. वहीं दूसरे आवेदकों (नो कास्ट वार)को चार फीसदी की […]

जानें क्या है स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड
12 वीं पास अथवा पॉलिटेक्निक पाठ्यक्रम के लिए 10 वीं पास आवेदकों को इस योजना के तहत सरकार उच्च शिक्षा के लिए अधिकतम चार लाख रुपये तक का लोन देती है. इस योजना का लाभ पाने के लिए आवेदकों को जिला निबंधन व परामर्श केंद्र में योग्यता से संबंधित दस्तावेज, कोर्स और संस्थान से प्राप्त पाठ्यक्रम शुल्क का विवरण व अन्य जरूरी दूसरे कागजों के साथ आकर पंजीयन कराना होता है. यहां आवश्यक कागजों की जांच होने के बाद ही आवेदक को पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए आवश्यक ऋण मुहैया कराया जाता है.
लोन चुकाने के लिए पांच साल की अवधि : कोर्स पूरा कर चुके विद्यार्थियों को कोर्स समाप्ति से एक साल तक और जॉब पा चुके विद्यार्थियों को जॉब पाने से अधिकतम छह माह तक उच्च शिक्षा के लिए मिले लोन पर ब्याज का दर लागू नहीं होगा. एक साल बाद तय ब्याज दर पर ही लोन चुकाना होगा. दो लाख रुपये तक का लोन के लिए अधिकतम पांच साल की अवधि है वहीं इससे अधिक की राशि के लोन के लिए सात साल की अवधि तय है. अगर कोई विद्यार्थी किसी कारणवश लोन नहीं चुका पाता है तो उसे जिला निबंधन व परामर्श केंद्र में लोन न चुकाने संबंधी ठोस कारण का दस्तावेज देना होगा.
687 छात्रों को मिल रहा लाभ
जिले में अभी 687 छात्रों को स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ मिल रहा है. जिला निबंधन व परामर्श केंद्र के अनुसार यहां 1415 आवेदकों ने योजना आवेदन दिया है. इसमें से एक हजार 48 आवेदन का दस्तावेज जांच हो चुका है. वहीं 10 हजार 204 विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता का लाभ मिल रहा है जबकि तीन हजार 63 विद्यार्थियों को कुशल युवा कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण दिया जा रहा है.