गया : नगर निगम के अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों का नाला सफाई होने का दावा पूरी तौर से फेल होता दिख रहा है. कई जगहों पर बिन बरसात के ही सड़कों पर नाले का पानी जमा हो गया है. इनमें स्वराजपुरी रोड, नाला रोड, मारूफगंज मोड़, नूतननगर आदि जगहों पर में नाले का पानी रोड पर जमा हो गया है.
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही निगम बोर्ड की बैठक में समय पर नाले की सफाई कर लिये जाने का प्रस्ताव पारित किया गया था. प्रस्ताव के तहत अधिकारियों ने शहर के नाले के दो श्रेणी में बांटा है. इसमें सबसे पहले बड़े नालों व उसके बाद छोटे नालों की सफाई करने की योजना को स्वीकृति दी गयी है. कुछ जगहों पर नालों की सफाई शुरू की गयी. इसके बाद अधिकारियों के फेरबदल के कारण लेबर का पेमेंट नहीं हो सका और सफाई का काम बंद हो गया है. अधिकारी इस मामले में कुछ कहने की स्थिति में नहीं दिख रहे हैं. जिन पार्षदों के वार्ड में सड़क पर नालों का पानी जमा है उन्हें हर रोज जनता से खरी-खोंटी सुननी पड़ रही है. इधर वार्ड नंबर 18 के पार्षद अशोक कुमार ने बताया कि प्रभारी नगर आयुक्त व सफाई प्रभारी से बात करने पर कहा जाता है कि अब नालों की सफाई नहीं होगी.
व्यवस्था में जल्द होगी सुधार : प्रभारी नगर आयुक्त सुशील कुमार ने बताया कि समय पर पैसा नहीं मिलने के कारण नालों की सफाई नहीं हो सकी है. ऐसे सफाई व्यवस्था पर मंगलवार को बैठक आयोजित की गयी. इसमें सख्त निर्देश दिया गया है कि सफाई व्यवस्था में सुधार लाएं. उन्होंने कहा कि पूरे वर्ष अगर नालों की सफाई समय-समय पर ढंग से किया जाये, तो अभियान चला कर सफाई की जरूरत ही नहीं होगी. सभी नाले पॉलीथिन के कारण जाम होते हैं. उन्होंने कहा कि नालों के दोनों छोर पर लोहे की जाली लगाने का निर्देश दिया गया है. इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों द्वारा किसी भी काम के लिए कहने पर कर्मचारी व अधिकारियों को जवाब शालीनता से देने का निर्देशदिया गया है.
