खबर देख बना लिया फर्जी विज्ञापन, बिहार में ठगी के नये तरीके से अधिकारी हुए परेशान

श्रम संसाधन विभाग नेशनल कैरियर सर्विस प्रोजेक्ट के साथ मिलकर इस पोर्टल को तैयार कर रहा है, जिसमें रोजगार संबंधी सभी तरह की जानकारियां रहेंगी.

पटना. राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने ठगी का नया तरीका खोज लिया है.ठगने के लिए खुद से एक फाॅर्मेट तैयार कर रहे हैं जिसके साथ किसी भी कार्यक्रम व खबरों की कटिंग लगाकर ठगी का धंधा शुरू किया गया है. इसके एवज में उनसे 10 से 200 रुपये तक लिया जा रहा है.

कुछ दिनों पहले पीएचइडी ने श्रम विभाग से एक समझौता कर प्लंबर को ट्रेनिंग देने का निर्णय लिया है.

इस संदर्भ में कई खबरें छपीं और उसी खबर को आधार बनाकर हर गांव में लोगों से आवेदन फाॅर्म बेच दिया गया है.

इस मामले में विभाग में हजारों आवेदन भी पहुंच गये हैं, जिसको देख विभागीय अधिकारी परेशान हो गये.

श्रम संसाधन विभाग नेशनल कैरियर सर्विस प्रोजेक्ट के साथ मिलकर इस पोर्टल को तैयार कर रहा है, जिसमें रोजगार संबंधी सभी तरह की जानकारियां रहेंगी.

कुछ वैसी किताबें भी ऑनलाइन ले पायेंगे, जिसकी जरूरत रोजगार के माध्यम में काम आयेगी. श्रम संसाधन विभाग के मंत्री जिवेश कुमार ने कहा कि खबरों के माध्यम से कई बातें आती हैं. इसलिए लोगों को यह समझना होगा, लेकिन इस तरह की प्लानिंग कर कोई ठगी करेगा, तो उसके लिए विभाग कार्रवाई करेगा.

ऐसी ठगी को रोकने के लिए पोर्टल तैयार की जा रही है, जिस पर निबंधन के साथ किस विभाग में कौन- सी जगह खाली है. इसका डिटेल रहेगा.

Posted by Ashish Jha

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Published by: Prabhat khabar news desk

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