बिहार में 139 स्थानों पर बनेंगे वृद्धजन आश्रय स्थल, मदन सहनी बोले- चिकित्सा की होगी विशेष सुविधा

समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने कहा कि राज्य में वृद्धजनों की समुचित देखभाल के लिए 139 वृद्धजन आश्रय स्थल बनाये जायेंगे. इस योजना की जल्द ही शुरुआत होने जा रही है.

पटना. समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने कहा कि राज्य में वृद्धजनों की समुचित देखभाल के लिए 139 वृद्धजन आश्रय स्थल बनाये जायेंगे. इस योजना की जल्द ही शुरुआत होने जा रही है. इसके तहत सभी जिला मुख्यालय में वृद्धजनों के रहने के लिए 50-50 बेड की दो यूनिटें तथा सभी अनुमंडल में 50 बेड की एक यूनिट का आश्रय स्थल बनाया जायेगा.

इन केंद्रों में बुजुर्गों के रहने व समुचित चिकित्सा से लेकर सभी स्तर के देखभाल करने की सुविधा होगी. विभागीय मंत्री सोमवार को विधानसभा में समाज कल्याण विभाग के आठ हजार एक सौ 59 करोड़ रुपये के बजट को प्रस्तुत कर रहे थे. उन्होंने कहा कि राज्य में 51 स्थानों पर बेसहारा दिव्यांगजनों, मंदबुद्धि, लाचार बच्चों की देखभाल के लिए 51 स्थानों पर विशेष केंद्र बनाये जायेंगे.

186 पेंशनरों की संख्या हुई 12.30 लाख से बढ़कर 94.59 लाख

मंत्री ने कहा कि राज्य में पेंशनरों की संख्या करीब साढ़े सात गुना बढ़ गयी है. 2007-08 में सभी तरह की पेंशन पाने वालों की संख्या 12 लाख 30 हजार थी, जो आज बढ़ कर 94 लाख 59 हजार हो गयी है. इनकी संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है.

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वृद्धजन योजना के तहत अब तक 25 लाख लोगों को लाभ मिल गया है. इनके बैंक खातों में सीधे डीबीटी के माध्यम से राशि ट्रांसफर की जाती है. उन्होंने कहा कि 186 लाभुकों को दिव्यांगजन विवाह योजना के अंतर्गत लाभ दिया जा चुका है.

विवाह प्रोत्साहन योजना चलायी जा रही है

विभागीय मंत्री ने कहा कि अंतरजातीय विवाह करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए विवाह प्रोत्साहन योजना चलायी जा रही है. इसमें एक लाख रुपये दिये जाते हैं. अब तक 251 लोगों को इसका लाभ दिया जा चुका है. उन्होंने कहा कि 186 लाभुकों को दिव्यांगजन विवाह योजना के अंतर्गत लाभ दिया जा चुका है.

Posted by Ashish Jha

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >