दरभंगा से प्रवीण कुमार चौधरी की रिपोर्ट
Education News: बिहार के विश्वविद्यालयों में पीएचडी (PhD) नामांकन प्रक्रिया को लेकर राजभवन ने एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है.राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने मंगलवार को प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को आदेश दिया है कि शैक्षणिक सत्र 2024 और 2025 के लिए अब किसी भी प्रकार की पीएचडी एडमिशन टेस्ट (PAT) आयोजित नहीं की जाएगी.इसके स्थान पर पीएचडी कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए यूजीसी-नेट (UGC-NET) स्कोर को अनिवार्य रूप से आधार बनाया जाएगा.
यूजीसी के नियमों के आलोक में लिया गया निर्णय
राजभवन द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि यह निर्णय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के 28 मार्च 2024 के निर्देशों तथा कुलाधिपति के आदेशों के आलोक में लिया गया है.अब सभी विश्वविद्यालयों को अपने स्तर पर आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षाओं को बंद करना होगा और राष्ट्रीय स्तर के यूजीसी-नेट स्कोर के आधार पर ही पीएचडी में नामांकन सुनिश्चित करना होगा.
पुरानी और जारी परीक्षाओं को लेकर राजभवन का रुख
राजभवन ने साफ किया है कि जिन विश्वविद्यालयों ने पीएटी (PAT) के माध्यम से वर्ष 2024 अथवा 2025 के लिए पीएचडी नामांकन प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली है, उनके नामांकित बैचों की पढ़ाई पूर्ववत जारी रहेगी और उन पर इस आदेश का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.हालांकि, जिन विश्वविद्यालयों ने पीएटी के लिए केवल विज्ञापन जारी किया है और परीक्षा अभी नहीं हुई है, उन्हें तत्काल ऐसे विज्ञापनों को वापस लेना होगा.
रद्द होंगी प्रक्रियाएं, वापस करनी होगी अभ्यर्थियों की फीस
नए आदेश के मुताबिक, प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ करने की तैयारी में जुटे विश्वविद्यालयों को चल रही प्रक्रिया को निरस्त कर अभ्यर्थियों से ली गई आवेदन शुल्क राशि वापस करनी होगी.वैकल्पिक रूप से वे प्रवेश प्रक्रिया में संशोधन कर यूजीसी-नेट स्कोर को पात्रता का आधार बना सकते हैं.सभी विश्वविद्यालयों को निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए शीघ्र ही राजभवन को अनुपालन प्रतिवेदन भेजने को कहा गया है.निर्देशों की अवहेलना करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.
