जय श्रीराम के जयघोष के बीच अवतरित हुए दीनदयाल, चार लाख श्रद्धालु पहुंचे महावीर मन्दिर

जय श्रीराम के जयघोष के बीच गुरुवार की अहले सुबह अवतरित हुए दीनदयाल. रामनवमी के मौके पर करीब चार लाख श्रद्धालु पटना के महावीर मन्दिर दर्शन को पहुंचे. यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या है. करीब तीन किलोमीटर लंबी पंक्ति में घंटों प्रतीक्षा के बाद भक्त मंदिर में प्रभु का दर्शन कर पाये.

पटना. जय श्रीराम के जयघोष के बीच गुरुवार की अहले सुबह अवतरित हुए दीनदयाल. रामनवमी के मौके पर करीब चार लाख श्रद्धालु पटना के महावीर मन्दिर दर्शन को पहुंचे. यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या है. करीब तीन किलोमीटर लंबी पंक्ति में घंटों प्रतीक्षा के बाद भक्त मंदिर में प्रभु का दर्शन कर पाये. अलग-अलग पंक्तियों में महिलाओं और पुरुषों की टोलियाँ महावीर मन्दिर पहुंच जय श्रीराम का जयघोष कर रही थीं, जबकि मन्दिर की ऊपरी मंजिल पर रामचरितमानस का सस्वर संगीतमय नवाह पाठ वातावरण को सियाराममय कर रहा था. तीन ड्रोन से गेन्दे और गुलाब के फूलों की पुष्पवर्षा के बीच भक्तों ने भए प्रकट कृपाला दीनदयाला …की स्तुति की. गर्भगृह के सम्मुख आरती के साथ ही पूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ.

तड़के 2 बजे महावीर मन्दिर का पट खुला

महावीर मंदिर की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार चैत्र शुक्ल नवमी गुरुवार तड़के 2 बजे महावीर मन्दिर का पट खुला तो जैसे आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा. बच्चे-वृद्ध-युवा से दिव्यांग तक सभी रामलला के प्राकट्य उत्सव में स्वयं को शरीक करना चाह रहे थे. देखते-देखते भक्तों की कतार आर ब्लाक चौराहे से मुड़कर आयकर चौराहे के करीब जा पहुंची. तड़के जागरण आरती के बाद सवा दो बजे से हाथों में फूल-माला और प्रसाद लिए भक्त हनुमानजी की युग्म प्रतिमाओं और राम दरबार वाले गर्भगृह के सामने तेज रफ्तार से पहुंचने लगे.

आचार्य किशोर कुणाल ने की ध्वज पूजा

सुबह 10 बजे महावीर मन्दिर के मुख्य ध्वज स्थल पर महावीर मन्दिर न्यास के सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने ध्वज पूजा की. महावीर मन्दिर की पत्रिका धर्मायण के संपादक पंडित भवनाथ झा ने विधिपूर्वक वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन संपन्न कराया. उसके बाद महावीर मन्दिर में तीनों ध्वज स्थलों पर पुराने ध्वज उतारे गये और नये ध्वज से ध्वजारोहण किया गया. फिर ध्वज पूजा की आरती हुई. मध्याह्न 12 बजे महावीर मन्दिर परिसर में रामलला के चित्रपट का आचार्य किशोर कुणाल के हाथों अनावरण हुआ. इसके जरिए श्रीराम प्राकट्य की झांकी प्रस्तुत की गई.

161 भक्तों के लिए ध्वजारोहण संकल्प

मध्याह्न आरती के बाद पंडित भवनाथ झा के निर्देशन में 6 पुरोहितों ने 161 भक्तों के लिए ध्वजारोहण संकल्प लिया. इन भक्तों ने रामनवमी के दिन महावीर मन्दिर में ध्वजारोहण के लिए निर्धारित शुल्क की रसीद कटाई थी. सभी भक्तों के लिए अलग-अलग संकल्प लिया गया. इन सभी के लिए महावीर मन्दिर की पूजा-अनुष्ठान रसीद काउंटर के निकट कुल 161 रंगे हुए नये बांस पर ध्वजारोहण किया गया.

20 हजार किलो से अधिक नैवेद्यम की बिक्री

मंदिर प्रबंधन की ओर से दी गयी जानकारी के अनुसार रामनवमी के अवसर पर महावीर मन्दिर के सुप्रसिद्ध नैवेद्यम की बिक्री देर रात तक 20 हजार किलो से ज्यादा अनुमानित की गई है, जबकि मन्दिर पहुंचने वाले भक्तों की संख्या 4 लाख से अधिक आंकी गयी है. इस बार बगैर प्रसाद के महावीर मन्दिर आनेवाले भक्तों के लिए पूर्वी प्रवेश द्वार सुबह सवा 8 बजे से दिनभर खुला रखा गया. शाम को हवन के साथ ही नौ दिवसीय नवाह पाठ का समापन हो गया. शाम में रामनवमी शोभा यात्रा समितियों के प्रतिनिधियों के महावीर मन्दिर आने का क्रम देर रात तक चलता रहा.

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