पूर्णिया: लाइन बाजार के एक एक्स-रे क्लिनिक में काम करनेवाली एक महिला (30) की पीट-पीटकर कर हत्या (bihar crime) कर दी गयी. महिला जिस कमरे में रहती थी उसके बगल के रूम में रहनेवाली एक महिला ने शनिवार की शाम 5:30 बजे उसे बंद कमरे में नग्नावस्था में फर्श पर मृत अवस्था में देखने के बाद घटना की जानकारी मकान मालिक को दी. घटना केहाट थाना क्षेत्र के प्रभात कॉलोनी स्थित प्रदीप कुमार के मकान की है. मृतका का नाम कल्याणी देवी है, जो बीकोठी थाना क्षेत्र के बड़हरी निवासी नीरज कुमार की पत्नी है.
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा
सूचना पर सदर एसडीपीओ एसके सरोज, केहाट थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह सदल बल घटनास्थल पर पहुंचे व शव की जांच पड़ताल की. एसडीपीओ ने बताया कि हत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है. उसकी हत्या किसी ठोस वस्तु से की गयी है. घटना की जांच में टेक्निकल सेल को भी लगाया गया है. महिला के सिर पर गहरा जख्म है.
क्या है मामला?
मृतक महिला के साथ रहनेवाली महिला स्वास्थ्यकर्मी अंशु कुमारी ने बताया कि वह बीते एक माह से किराये पर मृतका के साथ प्रभात कॉलोनी में रह रही है. वह दो दिन पूर्व रक्षाबंधन को लेकर गांव गयी थी. वह भी प्राइवेट क्लिनिक में काम करती है. शनिवार को वह गांव से सीधे क्लिनिक चली गयी, जहां से ड्यूटी कर शाम करीब 5:30 बजे प्रभात कॉलोनी स्थित अपने कमरे पहुंची, तो देखा कि कल्याणी देवी का कमरा बाहर से बंद है और ताला लगा हुआ है. कमरे की बत्ती जल रही थी और पंखा भी चल रहा था. उसने यह कहते हुए कि कल्याणी बल्ब और पंखा चलाकर कहां चली गयी, कल्याणी को फोन लगाया तो फोन उसके पति ने उठाया. पति ने कहा कि फोन उसके पास है और वह पूर्णिया में है. इसके बाद कमरे का ताला खोलकर जैसे ही अंदर घुसी, तो देखा कि कल्याणी फर्श पर नग्न अवस्था में मृत पड़ी है और उसके सिर पर काफी जख्म है. कमरे में खून के छींटे है.
जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस ने मृतक महिला के शव को अपने कब्जे में ले लिया है. पुलिस ने बताया कि मृतक महिला के साथ रहने वाली सहकर्मी ने सबसे पहले घटना की जानकारी मकान मालिक को दी थी. मकान मालिक प्रदीप कुमार ने कहा कि वह पूर्णिया कोर्ट में कार्यरत है. आज लोक अदालत होने के कारण शाम में देर से घर पहुंचा तब घटना की जानकारी मिली. उन्होंने बताया कि मृतका को चार वर्ष की लड़की है जो उसके साथ नहीं रहती है. मृतका का पति अक्सर यहां आया करता था.
