DDU Patna Jhajha Rail Line: डीडीयू-पटना-झाझा रेलखंड से सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए राहत की खबर है. दिल्ली-हावड़ा के सबसे व्यस्त रेल रूट में शामिल इस रेलखंड पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के लिए रेलवे ने मास्टर प्लान तैयार किया है. पूर्व मध्य रेल प्रशासन डीडीयू से झाझा के बीच करीब 400 किलोमीटर अतिरिक्त रेल लाइन विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है.
क्या है नई रेल लाइन का उद्देश्य?
इसका सीधा उद्देश्य रेल लाइन पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करना, यात्री और मालगाड़ियों के संचालन को ज्यादा सुगम बनाना है. पूर्व मध्य रेल मुख्यालय, हाजीपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में महाप्रबंधक डिंपी गर्ग ने बताया कि लगातार बढ़ते रेल यातायात को देखते हुए डीडीयू से झाझा तक रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है. योजना के तहत डीडीयू से किऊल के बीच तीसरी और चौथी लाइन, जबकि किऊल से झाझा के बीच तीसरी रेल लाइन बिछाई जाएगी.
इन 6 हिस्सों में बंटा प्रोजेक्ट
पूरे प्रोजेक्ट को 6 प्रमुख हिस्सों में बांटा गया है. इनमें डीडीयू-दानापुर, दानापुर-फतुहा, फतुहा-बख्तियारपुर, बख्तियारपुर-पुनारख, पुनारख-किऊल और किऊल-झाझा रेलखंड शामिल हैं. अलग-अलग हिस्सों में काम को गति देकर परियोजना को तय समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
ट्रेनों की रफ्तार पर क्या होगा असर?
इस रूट पर फिलहाल यात्री ट्रेनों के साथ बड़ी संख्या में मालगाड़ियां भी चलती हैं. सीमित रेल क्षमता के कारण कई बार ट्रेनों को आगे बढ़ने के लिए सिग्नल का इंतजार करना पड़ता है. इसका असर राजधानी, सुपरफास्ट एक्सप्रेस समेत दूसरी यात्री ट्रेनों की समयबद्धता पर पड़ता है.
अतिरिक्त रेल लाइनें उपलब्ध होने के बाद ट्रेनों के संचालन को ज्यादा बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा सकेगा. माल और यात्री ट्रेनों के लिए अतिरिक्त क्षमता मिलने से परिचालन संबंधी दबाव कम करने में मदद मिलेगी. नतीजा यह हो सकता है कि आउटर पर खड़े रहने और अनावश्यक देरी की समस्या में बड़ी कमी आए.
इस परियोजना का असर सिर्फ यात्रियों के सफर तक सीमित नहीं रहेगा. डीडीयू से झाझा तक रेल नेटवर्क मजबूत होने से उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच यात्री आवागमन और माल ढुलाई को भी गति मिलने की उम्मीद है.
