Bihar: औरंगाबाद में अवैध जमाबंदी करने के आरोप में सीओ विजय कुमार सस्पेंड, राजस्व कर्मचारी का बड़ा खुलासा

बिहार के दाउदनगर अंचल के वर्तमान सीओ विजय कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है. अवैध जमाबंदी करने के आरोप में सीओ पर ये कार्रवाई हुई है. राजस्व कर्मचारी ने इस मामले में बड़ा खुलासा किया है.

औरंगाबाद जिले से दाउदनगर अंचल से एक बड़ी खबर आ रही है .राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग बिहार सरकार द्वारा दाउदनगर के वर्तमान सीओ विजय कुमार को निलंबित कर दिया गया है. सीओ के खिलाफ जमीन मामले में गड़बड़ी करने से जुड़े कई गंभीर आरोप लगे हैं. निलंबन का आरोप 17 अगस्त को जारी कर दिया गया है.

क्या है आरोप?

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार के संयुक्त सचिव कंचन कपूर के हस्ताक्षर से जारी संकल्प में कहा गया है कि समाहर्ता औरंगाबाद द्वारा 10 जून को प्रेषित पत्र में दाउदनगर सीओ विजय कुमार के विरुद्ध बाबूराम दुसाध के नाम से अवैध जमाबंदी कायम करने, बिना सक्षम प्राधिकार के आदेश के बिना ही जमाबंदी कायम करने, अवैध जमाबंदी कायम कराकर दोहरी लगान रसीद निर्गत कराने एवं जमाबंदी के संबंध में अपर समाहर्ता औरंगाबाद को अवगत नहीं कराने जैसे कतिपय गंभीर आरोप प्रतिवेदित किए गए हैं. इसलिए उन्हें बिहार सरकारी सेवक नियमावली 2005 के प्रावधानों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है.

निलंबन अवधि में मुख्यालय

जमीन मामले में गड़बड़ी करने के आरोपित सीओ विजय कुमार का निलंबन अवधि में मुख्यालय प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय मगध प्रमंडल गया निर्धारित किया गया है. सूत्रों ने बताया कि निलंबन का यह आदेश 17 अगस्त को जारी किया गया है.

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अवैध जमाबंदी करने का आरोप

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वर्तमान सीओ विजय कुमार पर गलत तरीके से अवैध जमाबंदी करने और रसीद काटने का आरोप दाउदनगर शहर के वार्ड संख्या 24 निवासी श्याम रेस प्रसाद द्वारा लगाया गया था, जिसमें कहा गया था कि फर्जी तरीके से अमृत बिगहा निवासी बाबूराम दुसाध के नाम पर रसीद कटवा लिया गया है. जबकि इस जमीन की जमाबंदी अभी भी आवेदक श्याम रेस प्रसाद के नाम से है और उसकी रसीद भी कट रही है.

राजस्व कर्मचारी का वरीय अधिकारियों पर गंभीर आरोप

बता दें कि इसकी शिकायत पीड़ित के द्वारा अपर समाहर्ता से भी की गई थी. इस शिकायत के आलोक में 8 मार्च 2022 को अपर समाहर्ता ने राजस्व कर्मचारी और अंचल अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा था .सूत्रों ने बताया कि अपने स्पष्टीकरण में राजस्व कर्मचारी मो.खुर्शीद अंसारी ने कहा है कि वरीय अधिकारियों के दबाव में आकर यह काम किया गया था. इसी मामले को लेकर 14 मई 2022 को मारपीट की घटना भी घटी थी.

Posted By: Thakur Shaktilochan

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