Darbhanga News: दरभंगा. मैथिली साहित्यकार पं. विष्णु देव झा विकल की दूसरी पुण्यतिथि पर सोमवार को उनके पैतृक गांव आसी में विकल स्मृति पर्व का आयोजन किया गया. आदर्श मैथिली परिषद आसी के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में उनकी पुस्तक मानसरक मुक्ता के परिवर्धित संस्करण का लोकार्पण किया गया. शुभारंभ पं. गंधर्व झा के वेद ध्वनि से हुआ. अध्यक्षता करते हुए डॉ जयप्रकाश चौधरी जनक ने कहा कि पंडित विष्णु देव झा विकल उच्च कोटि के साहित्यकार थे. उनका रचना संसार वृहद है. डॉ देवकांत मिश्र ने विकल जी के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला. अशोक कुमार चौधरी ने कहा कि विकल जी साहित्यकार तो थे ही, तंत्र के सिद्ध साधक भी थे. मणिकांत झा ने कहा कि विकल जी की अप्रकाशित कीर्तियों को प्रकाशित करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी. शंभूनाथ मिश्र के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में दीपक कुमार झा, शारदानंद सिंह, संजीव कुमार मिश्र, नेहा चौधरी, गुड़िया कुमारी, कृपानाथ झा आदि ने भी विचार रखे. इससे पूर्व विकल जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई. कार्यक्रम में गोपीनाथ झा, वेदनाथ झा, धीरज मिश्रा, दयानाद झा, उमा, किरण, इन्द्रकला, संजू, संगीता, जागृति आदि मौजूद थे.
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