कार्यकाल खत्म होने के 9 महीने बाद जागी यूनिवर्सिटी, प्रो. पुरेंद्र बारिक बने विभागाध्यक्ष

कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में पीजी धर्मशास्त्र विभागाध्यक्ष पद की नियुक्ति नौ महीने की देरी से हुई है. प्रोफेसर पुरेंद्र बारिक ने पदभार ग्रहण किया. यह देरी विश्वविद्यालय प्रशासन पर सवाल खड़े कर रही है.

Sanskrit University Delay:कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय की प्रशासनिक कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.विश्वविद्यालय में पीजी धर्मशास्त्र विभागाध्यक्ष पद के लिए नई अधिसूचना जारी करने में करीब नौ महीने का विलंब हुआ है.इसे लेकर कैंपस में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं.

प्रो. पुरेंद्र बारिक ने दूसरी बार संभाला विभागाध्यक्ष का पदभार

वरिष्ठता और चक्रानुक्रम के आधार पर प्रो. पुरेंद्र बारिक ने तीन वर्षों के लिए पीजी धर्मशास्त्र विभागाध्यक्ष का दायित्व संभाल लिया है.उन्होंने निवर्तमान विभागाध्यक्ष प्रो. दिलीप कुमार झा से यह पदभार ग्रहण किया.प्रो. बारिक को 15 जुलाई को अधिसूचना मिली,जिसके बाद 16 जुलाई को उन्होंने औपचारिक रूप से पदभार संभाला.

कार्यकाल अक्टूबर 2025 में ही हुआ समाप्त, जुलाई 2026 में जारी हुआ आदेश

निवर्तमान विभागाध्यक्ष प्रो. दिलीप कुमार झा का कार्यकाल 21 अक्टूबर 2025 को ही पूरा हो चुका था.इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन को नई नियुक्ति की अधिसूचना जारी करने में नौ महीने लग गए.अधिसूचना 14 जुलाई 2026 को जारी की गई.

देरी पर उठे सवाल, प्रशासन ने साधी चुप्पी

नियुक्ति आदेश में हुई इस असामान्य देरी से शिक्षाकर्मियों में भारी असंतोष है.लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतनी लंबी देरी क्यों हुई.हालांकि इस पूरे मामले पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है.

ये भी पढ़ें: नकली सोना बेचने का आरोप, बिना लाइसेंस धड़ल्ले से चल रहीं कई दुकानें


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Pravin kumar chou

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >