Darbhanga News: कुशेश्वरस्थान पूर्वी. प्रखंड से होकर गुजरने वाली कोसी एवं कमला बलान नदी के जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि से प्रखंड के कमला बलान तटबंध से पूरब बसे चार पंचायतों में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है. वहीं फुहिया में स्लुइस गेट का फाटक बंद रहने से जीवछ और कमला नदी का जलस्तर में लगातार वृद्धि होने से सुघराईन पंचायत के सभी गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं, हालांकि कोसी और कमला बलान सहित अन्य सभी नदियों का पानी अभी तक पेट में ही सिमटी हुई है, लेकिन लोगों का कहना है कि जलस्तर में वृद्धि का क्रम इसी तरह जारी रहा तो कोसी और कमला बलान नदी के जलस्तर में और उछाल आ जाएगा और बाढ़ की स्थिति गंभीर रूप धारण कर लेगी. फिलहाल तटबंध से पूरब के बसे इटहर, लक्षमीनिया, चौकिया, बलथरवा, बड़की कोनिया, अरराही, कुंजभवन तथा तटबंध से पश्चिम के सुघराईन गांव बाढ़ की पानी से पूरी तरह घिर गया है. सड़कों पर बाढ़ का पानी चढ़ जाने से इन गांवों में यातायात व्यवस्था चरमरा गई है. लोगों को गांव से बाहर निकलने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है. प्राथमिक विद्यालय इटहर पोखर के परिसर और लक्षमीनिया विद्यालय के भवन में बाढ़ का पानी घुस जाने से विद्यालय में पठन-पाठन ठप पड़ गया है. फिलहाल किसी गांव में बाढ़ का पानी नहीं घुसा है. फसल पूरी तरह सुरक्षित है. बाढ़ की स्थिति का जायजा लेकर लौटे सीओ गोपाल पासवान ने बताया कि नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है. उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकता अनुसार 16 नावें चलाई जा रही हैं. जरूरी होने पर और भी नाव की सुविधा बहाल की जाएगी.
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