Darbhanga News: दरभंगा. बाल सुधार गृह में बच्चों के संदिग्ध मौत का मामला थम नहीं रहा है. चालू साल में अबतक तीन बच्चों की मौत हाे चुकी है. इससे सुधार गृह की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. चार अगस्त को बहेड़ा थाना क्षेत्र के फरदाहा गांव निवासी रूदल चौपाल के पुत्र दिलखुश चौपाल की संदिग्ध मौत हो गई थी. उसका शव बाथरूम में लटका हुआ मिला था. परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया था. वहीं 12 अप्रैल को समस्तीपुर जिले के रोसड़ा थाना क्षेत्र के टेहटा निवासी अमरजीत कुमार की मौत हो गई थी. बताया गया था कि उसे अन्य किशोरों ने पीट पर हत्या कर दी थी. इस मामले में हत्या की प्राथमिक दर्ज कराई गई. पदाधिकारी एवं कर्मियों का तबादला कर दिया गया. शनिवार को भरत की संदिग्ध स्थिति साल की यह तीसरी मौत है. बाल सुधार गृह में नाबालिक सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र पैरा गांव निवासी भरत सहित दो नाबालिग और एक बालिग युवक को आपराधिक मामले में डेढ़ माह पूर्व गिरफ्तार कर मंडलकारा भेजा गया था. परिजनों द्वारा भरत व एक नाबालिग के उम्र का सर्टिफिकेट न्यायालय में प्रस्तुत करने के बाद मंगलकारा से दो दिन पूर्व उन्हें बाल सुधार गृह भेजा गया था. शनिवार की सुबह शौचालय में फंदे से लटकी भरत की लाश मिली.
एक दिन पहले भरत से मिलकर गयी थी मां
परिजनों का कहना है कि शुक्रवार की दोपहर में मां व अन्य रिश्तेदार भरत से मिलकर गये थे. वह पूरी तरह ठीक-ठाक था. किसी तरह का तनाव नहीं था. परिजन का आरोप है कि बाल सुधार गृह के स्टाफ द्वारा उसकी हत्या कर दी गई है. शव को पुलिस अभिरक्षा में पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेजा गया. शाम में पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया. पुलिस कुछ भी बताने से परहेज कर रही है. बताया जाता है कि रात दो बजे के बाद भरत दास शौचालय की ओर गया. फिर वापस बिछावन पर आ गया. कुछ देर बाद फिर वह उठकर शौचालय गया, जहां से लौट कर नहीं आया. शनिवार की सुबह फंदे से लटकते हुए उसका शव मिला.
कहते हैं थानाध्यक्ष
बाल सुधार गृह और परिजनों द्वारा अब तक थाना को आवेदन नहीं दिया गया है. मामले की जांच शुरू कर दी गयी है.
अमित कुमार, थानाध्यक्षडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
