Darbhanga News: दरभंगा. अगर महकमा ने संजीदगी से काम पूरा नहीं किया तो इस बार छठ व्रतियों को हराही तालाब के स्थान पर अर्घ के लिए दूसरे पोखर पर जगह तलाशनी पड़ सकती है. मौजूदा हालात में व्रतियों व श्रद्धालुओं को सूर्य उपासना के लिए पक्के घाट तक पहुंच पाना आसान नहीं होगा. इसकी वजह यह है कि हराही तालाब के कायाकल्प करने की जिसे जिम्मेवारी सौंपी गई है, उसने इसकी और बदहाल अवस्था कर छोड़ दिया है. तालाब के पश्चिम भाग को बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील कर दिया गया है. पक्के घाट से पहले समतल जमीन को खोद गड्ढा कर निर्माण एजेंसी बुडको ने छोड़ रखा है. यहां तक कि कई पेड़ की जड़ से मिट्टी निकाल दी गई है, जिससे ये कभी भी धराशायी हो सकते हैं. अर्द्धनिर्मित बड़े नाला का मुहाना खुला हुआ है. इससे निकले छड़ खतरनाक स्थिति में हैं. किसी दिन हादसा हो सकता है. बता दें कि छठ पर्व का करीब महीना भर ही शेष रह गया है.
कई वार्डों के जुटते श्रद्धालु
दरभंगा-लहेरियासराय वीआइपी पथ के किनारे दरभंगा जंक्शन के समीप अवस्थित हराही तालाब में कई वार्डों के श्रद्धालु जुटते हैं. इसमें वार्ड 10, 11, 12, 13, 14, 15, 16, 18 आदि के श्रद्धालु अर्घ अर्पण के लिए जमा होते हैं. वहीं तालाब के पूरब भाग में फिर से अतिक्रमणकारी फैल गये हैं. रोक के बावजूद मंदिर के पिलर तालाब के अंदर डाल दिये गये हैं, जिससे समस्या होना तय है.छठ का महज एक महीना ही शेष
लोक आस्था का महापर्व छठ में प्राय: सभी श्रद्धालु परिवार की सहभागिता होती है. इस बार 25 अक्तूबर को नहाय-खाय के साथ चार दिनी यह महापर्व आरंभ हो जायेगा. ऐसे में जिस तरह अधूरा काम करने के बाद विभाग बेखबर दिख रहा है, उससे इस घाट के त्योहार के लायक हो पाने की संभावना क्षीण ही नजर आ रही है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
