संस्कृ्त के जानकारों पर इसके उन्नयन की बड़ी जिम्मेदारी- कुलपति

कुलपति प्रो् लक्ष्मी निवास पांडेय की अध्यक्षता में बुधवार को प्री पीएचडी कोर्स वर्क का समापन समारोह हुआ.

दरभंगा. कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के बहुउद्देशीय भवन में कुलपति प्रो् लक्ष्मी निवास पांडेय की अध्यक्षता में बुधवार को प्री पीएचडी कोर्स वर्क का समापन समारोह हुआ. डाॅ वाइ एस शास्त्री के संयोजकत्व में पिछले छह माह से कोर्स वर्क संचालित था. मौके पर कुलपति प्रो. पांडेय ने कहा कि शोधार्थियों को आगे चलकर संस्कृत सम्भाषण का प्रचार- प्रसार करना चाहिए. कहा कि संस्कृत के मर्मज्ञों पर बड़ा उत्तरदायित्व है. जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय, चित्रकूट के कुलपति प्रो. शिशिर कुमार पांडेय ने कहा कि समाजोपयोगी शोधप्रबन्ध लिखेें. उन विषयों पर शोध करें, जिससे आमजन लाभान्वित हो. पूर्व कुलपति प्रो. शशिनाथ झा ने कहा कि शोधार्थी को पढाकू होना चाहिए. शोध में नए नए विचारों व नई खोजों को जगह देनी चाहिए. पीआरओ निशिकांत ने बताया कि 2021 वर्षीय प्री पीएचडी कोर्स वर्क की कक्षाएं दिनांक आठ अक्तूबर 2023 से ऑफ लाइन माध्यम से आरंभ हुई थी. पीएचडी कोर्स वर्क में सभी विभागों के कुल 80 शोधार्थी नामांकित थे. इसमें व्याकरण के 11, ज्योतिष के 12, साहित्य के 38, आयुर्वेद के 12, वेद के 06 तथा धर्मशास्त्र के एक हैं. मौके पर डॉ सविता आर्या, डॉ साधना शर्मा, गोविंद प्रसाद दहाला, प्रो. दयानाथ झा, प्रो. सुरेश्वर झा, डॉ विनय कुमार मिश्र, डॉ कुणाल कुमार झा, डॉ रितेश कुमार, डॉ शंभू शरण तिवारी, प्रो. रेणुका सिंहा, डॉ वरुण कुमार झा, डॉ राजेश कुमार सिंह आदि मौजूद रहे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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