Alinagar Rain Paddy: दरभंगा जिले के अलीनगर प्रखंड क्षेत्र में सोमवार की देर रात से लेकर मंगलवार की सुबह तक रुक-रुक कर हुई झमाझम बारिश और दिनभर आसमान में छाए बादलों से स्थानीय लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है. वहीं दूसरी ओर, इस अनुकूल मौसम के कारण क्षेत्र के किसानों की धान की रोपनी के कार्यों में काफी तेजी आ गई है. इससे पहले भी हुई करीब दो घंटे की बारिश ने खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचाकर रोपनी की प्रक्रिया को गति दी थी, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं.
बिचड़ा और पुरुष मजदूरों की किल्लत, महिलाओं ने संभाली कमान
प्रखंड के कई गांवों में इस समय बिचड़ा (नर्सरी) की कमी और खेतों में काम करने वाले पुरुष मजदूरों के नहीं मिलने से किसानों को कुछ दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है. इसके बावजूद, स्थानीय महिला मजदूरों के सक्रिय सहयोग से खेतों में रोपनी का कार्य लगातार जारी है. आधुनिक खेती के दौर में खेतों की जुताई और कदवा का काम अब लगभग पूरी तरह से ट्रैक्टरों के माध्यम से ही किया जा रहा है. वहीं ऊंचे इलाकों में स्थित खेतों में पानी की मामूली कमी को दूर करने के लिए किसान अब भी निजी पंपसेट का सहारा ले रहे हैं.
प्रखंड में 70 प्रतिशत रोपनी पूरी, लक्ष्य समय से पहले होने की उम्मीद
वर्तमान में प्रखंड के श्यामपुर, जगवनी, अलीनगर, सहजौली, पिरहौली, मिर्जापुर, गरौल, हरसिंहपुर और पकड़ी समेत अन्य सभी गांवों में किसान पूरी सक्रियता के साथ धान की रोपनी में जुटे हैं. किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी मौसम इसी तरह अनुकूल रहा, तो प्रखंड में निर्धारित कुल 6839 हेक्टेयर भूमि पर धान रोपनी का लक्ष्य समय से काफी पहले पूरा हो सकता है. स्थानीय अनुमान के अनुसार, अब तक क्षेत्र में करीब 65 से 70 प्रतिशत रोपनी का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है.
मुख्य मार्ग पर जलजमाव से बढ़ी आफत, राहगीर हो रहे परेशान
इस सुखद तस्वीर के बीच, मुख्य महथौर-अलीनगर-बिरौल मार्ग पर जगवनी और तुलापट्टी गांव के समीप करीब 100-100 फीट की दूरी तक सड़क पर भारी जलजमाव हो गया है. इसके कारण राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पैदल चलने वाले लोगों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए इस जलमग्न सड़क से गुजरना बेहद मुश्किल और जोखिम भरा बना हुआ है. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह जलजमाव की समस्या यहां वर्षों से बनी हुई है, लेकिन इसके स्थायी समाधान की दिशा में प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है.
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