आज से जमीन-मकान की रजिस्ट्री होगी डिजिटल, घर बैठे बुक होगा स्लॉट, जानें नया नियम

दरभंगा में 17 अगस्त से जमीन और मकान की रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो जाएगी. नई व्यवस्था में पेन-पेपर का इस्तेमाल नहीं होगा और आप घर बैठे ऑनलाइन स्लॉट बुक कर सकेंगे. जानें इस नई डिजिटल प्रक्रिया के बारे में.

Property Registration Rule: जिले में जमीन और मकान की रजिस्ट्री प्रक्रिया 17 अगस्त 2026 से पूरी तरह डिजिटल होने जा रही है. नई व्यवस्था में पेन-पेपर का इस्तेमाल नहीं होगा और क्रेता-विक्रेता को स्टांप पेपर पर डीड लिखवाने या भारी-भरकम कागजात लेकर निबंधन कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी. दस्तावेज ऑनलाइन तैयार होगा और निबंधन के बाद डिजिटल डीड पीडीएफ के रूप में मोबाइल, व्हाट्सएप या ई-मेल पर उपलब्ध होगी.

17 अगस्त से बदल जाएगी रजिस्ट्री की प्रक्रिया

नई व्यवस्था लागू करने से पहले निबंधन विभाग से जुड़े पदाधिकारियों, कर्मचारियों, अनुज्ञप्तिधारी कातिबों, स्टांप वेंडरों और अधिवक्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है. व्यवस्था की तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल भी कराया गया है.

विभाग के अनुसार, जिले के सभी भूमि निबंधन कार्यालय 17 अगस्त से पेन-पेपरलेस हो जाएंगे. जिला अवर भूमि निबंधन पदाधिकारी स्वीटी सुमन ने बताया कि नई व्यवस्था के लिए सभी संबंधित कर्मियों और सेवा प्रदाताओं को प्रशिक्षित कर दिया गया है.

अब कातिब दस्तावेज लेखक नहीं, सर्विस प्रोवाइडर होंगे

पेपरलेस व्यवस्था में कातिब की भूमिका भी बदल जायेगी. कातिब अब केवल दस्तावेज लेखक के रूप में काम नहीं करेंगे, बल्कि सर्विस प्रोवाइडर के तौर पर क्रेता-विक्रेता की मदद करेंगे.

वे दस्तावेज तैयार करने के साथ ऑनलाइन आवेदन और अपॉइंटमेंट लेने में भी सहायता करेंगे. दस्तावेज ऑनलाइन अपडेट होने के बाद क्रेता-विक्रेता घर बैठे निबंधन के लिए स्लॉट बुक कर सकेंगे.

अंगुलियों और आंखों की होगी स्कैनिंग

नई प्रक्रिया के तहत क्रेता-विक्रेता की अंगुलियों और आंखों की पुतलियों की स्कैनिंग की जायेगी. इसके साथ ई-सिग्नेचर सहित आवश्यक डिजिटल प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी.

निर्धारित स्लॉट के समय क्रेता-विक्रेता को निबंधन कार्यालय में पदाधिकारी के समक्ष इकरार की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. आवश्यकता पड़ने पर ई-केवाईसी भी कराया जायेगा.

इकरार के दौरान आधार कार्ड के साथ एक अन्य पहचान पत्र लाना अनिवार्य होगा.

मोबाइल पर मिलेगी डिजिटल डीड

निबंधन प्रक्रिया पूरी होने के बाद डिजिटल डीड पीडीएफ के रूप में उपलब्ध होगी. इसे मोबाइल, व्हाट्सएप या ई-मेल के माध्यम से प्राप्त किया जा सकेगा.

इससे कागजी दस्तावेज के खोने, फटने या खराब होने की आशंका कम होगी. हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों, बुजुर्गों और कम पढ़े-लिखे लोगों के लिए डिजिटल प्रक्रिया को समझना और तकनीकी दिक्कतों से निपटना चुनौती बन सकता है.

कातिबों के पारिश्रमिक की भी तय हुई राशि

विभागीय निर्देश के अनुसार एक लाख रुपये तक के दस्तावेज पर कातिब को एक हजार रुपये पारिश्रमिक मिलेगा. एक लाख रुपये से अधिक और पांच लाख रुपये तक मूल्य वाले दस्तावेज पर 2500 रुपये तथा पांच लाख रुपये या उससे अधिक मूल्य के दस्तावेज पर पांच हजार रुपये पारिश्रमिक निर्धारित किया गया है.

अन्य प्रकार के दस्तावेज लेखन के लिए एक हजार रुपये पारिश्रमिक निर्धारित किया गया है.

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लेखक के बारे में

By राज कुमार रंजन

राज कुमार रंजन दो दशक से अधिक समय से हिंदी पत्रकारिता में सक्रिय हैं. राष्ट्रीय समाचार पत्रों में काम कर चुके रंजन प्रशासनिक गतिविधियों के साथ-साथ राजनीतिक व सामाजिक क्षेत्रों में गहरी पैठ रखते हैं.

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