Darbhanga News: हायाघाट. स्थानीय पीएचसी से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसमें एक्सपायर मेडिसिन कूड़ा-कचरा की तरह फेंका दिख रहा है. हालांकि प्रभात खबर इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है. कहा जाता है कि मरीजों के देने के बदले लाखों की दवा को बर्बाद कर दिया गया है. इधर, वायरल वीडियो को लेकर पीएचसी प्रभारी ललित कुमार लाल ने बताया कि पीएचसी बिल्डिंग का निर्माण कार्य शुरू होने पर पुराने बिल्डिंग से सामानों को शिफ्ट करना था. इसके लिए पीएचसी के सामने अवस्थित दुर्गा माता मंदिर परिसर में एक रूम सामान रखने के लिए कुछ दिनों के लिए लिया गया. उस रूम में अन्य सामानों के साथ-साथ एक्सपायरी मेडिसीन भी रखा गया था. इस बीच दुर्गा पूजा नजदीक आते ही पूजा समिति के अध्यक्ष श्याम चौधरी ने मंदिर का कमरा खाली करने के लिए कहा. इस कारण मंदिर का कमरा खाली किया जा रहा है. कमरा से एक-एक सामान पुनः हॉस्पिटल बिल्डिंग में पहुंचाया जा रहा है. इसमें एक्सपायरी मेडिसीन भी शामिल है. उसीका फोटो व वीडियो साजिश के तहत वायरल किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि एक्सपायरी मेडिसीन को नष्ट करने की एक मानक प्रक्रिया है. उसीके अनुरूप उसका विनष्टीकरण किया जाता है. रही बात मरीजों को दवा नहीं मिलने की तो यह सरासर गलत है. पीएचसी समेत किसी भी एपीएचसी में दवा की कमी नहीं है. मरीजों को जरूरी हर दवा दी जा रही है. इधर, लोगों ने का आरोप है कि पीएचसी की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह लचर है. प्रभारी खुद कभी भी समय पर अस्पताल नहीं आते. मरीजों के साथ दुर्व्यवहार भी किया जाता है. जब उपचार ही नहीं किया जाता तो दवा कैसे मिलेगी.
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