Darbhanga News: मैथिली सिनेमा के व्यावसायिक पक्ष पर चिंतन की जरूरत

Darbhanga News:मअ रमेश्वरलता संस्कृत कॉलेज में रविवार को पोथीघर फाउंडेशन एवं कॉलेज की ओर से मैथिली सिनेमा: कला व्यवसाय आ भविष्य विषयक व्याख्यान हुआ.

Darbhanga News: दरभंगा. मअ रमेश्वरलता संस्कृत कॉलेज में रविवार को पोथीघर फाउंडेशन एवं कॉलेज की ओर से मैथिली सिनेमा: कला व्यवसाय आ भविष्य विषयक व्याख्यान हुआ. इसमें सीएम साइंस कॉलेज के मैथिली के सहायक प्रध्यापक डॉ सत्येंद्र कुमार झा ने कहा कि अब मैथिली सिनेमा कथानक में सक्षम है, लेकिन इसके व्यावसायिक पक्ष पर चिंतन करने की जरूरत है. इसकी व्यावसायिक संभावना की तलाश करनी होगी. बिना आर्टिस्ट फ्लेवर के दर्शक को सिनेमा देखने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता. अब वो समय नहीं रहा, जब फिल्म में एक नायक, एक नायिका एवं एक विलेन रहता था. अब वास्तविक जीवन में प्रत्येक आदमी में नायक, नायिका एवं विलेन है. उन्होंने अचल मिश्र, अभिषेक झा, प्रशांत नागेंद्र जैसे कई युवाओं को मैथिली फिल्म के लिए बेहतर कार्य करने के प्रयास की सराहना की. कहा कि इन युवाओं में सिनेमा के अनुभव और कुछ अलग करने की ललक देखता हूं तो लगता है कि मैथिली सिनेमा का भविष्य काफी उज्ज्वल है. वहीं अध्यक्षता करते हुए डॉ शंकरदेव झा ने कहा कि पहले साहित्य व सिनेमा समानांतर चलती थी, लेकिन अब दोनों अलग-अलग रास्ते पर चल रहा है. इससे मैथिली सिनेमा का स्वरूप बदल गया. कंटेंट वास्तविक होना चाहिए. मौके पर संस्था की अध्यक्ष गुड़िया झा ने अध्यक्ष को नितेश कुमार झा द्वारा पोथी उपहार स्वरूप प्रदान किया गया. संचालन राहुल कुमार चौधरी और धन्यवाद ज्ञापन फाउण्डेशन के सचिव आनंद मोहन झा ने किया. मौके पर प्रो. विद्यानाथ झा, हीरेंद्र कुमार झा, राजनाथ पंडित, नीतू झा, गुंजन कुमारी, अमन कुमार झा, देवचन्द्र प्रसाद, देवनारायण यादव, विष्णुदेव कुमार साह, शिवम कुमार झा आदि मौजूद थे.

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Author: PRABHAT KUMAR

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