Darbhanga News: सदर. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार तथा सी-डैक कोलकाता द्वारा आयोजित थ्री डी प्रिंटिंग एवं एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग प्रौद्योगिकी पर फिनिशिंग स्कूल कार्यक्रम का दो दिवसीय प्रशिक्षण मंगलवार को सम्पन्न हुआ. यह कार्यक्रम वुमेंस इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दरभंगा में आरंभ हुआ तथा समापन दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में हुआ. कार्यक्रम के सफल आयोजन में डीसीइ के प्राचार्य डॉ संदीप तिवारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पारंपरिक शाखाओं की सीमाओं से आगे बढ़कर नई प्रौद्योगिकियों को सीखने की आवश्यकता है, ताकि वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बन सकें. वहीं वुमेन्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की सहायक प्राध्यापक व प्रशिक्षण तथा स्थानन अधिकारी डॉ रश्मि कुमारी ने इस पहल की सराहना करते हुए छात्राओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी. सहायक प्राध्यापक एवं प्रयोगशाला प्रभारी प्रफुल चंद्र ने कहा कि थ्री डी प्रिंटिंग केवल एक निर्माण पद्धति नहीं बल्कि यह भविष्य के उद्योगों की आधारशिला है. कोलकाता से आए विशेषज्ञ शास्वत रायय ने एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग की वर्तमान स्थिति, औद्योगिक उपयोग और भारत में इसके संभावित भविष्य पर विस्तृत जानकारी दी. कार्यक्रम में संस्थान की ओर से डॉ चंद्रिका कुमारी व काजल कुमारी भी मौजूद थी. तकनीकी सत्रों का संचालन आदर्श आनंद, जयप्रकाश कुमार व शारदा कुमारी ने किया. इसमें डिजाइन, प्रोटोटाइप निर्माण, सामग्री चयन और उपकरण संचालन पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया. शिविर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित भी किया गया. धन्यवाद ज्ञापन प्रफुल्ल चंद्र द्वारा किया गया.
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