Darbhanga News: दरभंगा. नवविवाहित के घर का नजारा आज बदला हुआ था. सुबह से ही वातावरण उत्सवी नजर आ रहा था. नवविवाहित की मां बेटे के कोजागरा को लेकर व्यस्त दिख रही थी. शाम ढलते ही चुमाओन करने की तैयारी में जुट गई थी. बेटे के ससुराल से आये भार को दिखाने में लगी रही. चुमाओन के लिए आंगन में पिठार से अरिपन दिया. सिंदूर का लेप लगाया. उस पर रंगा हुआ पीढ़िया डाला. सामने चुमाओन का डाला रखा. इसके बाद शाम ढलते ही नवविवाहित को पीढ़िया पर बैठा उसका चुमाओन किया. पारंपरिक वेश धोती, कुर्ता, पाग, दोपटा आदि धारण किये नवविवाहित दूल्हे की तरह नजर आ रहे थे. पारंपरिक गीतों के बीच महिलाओं ने चुमाओन किया. चुमाओन संपन्न होते ही लड़के की मां ने आंगन में मखान लुटाया और उधर दरवाजे पर मखान के साथ पान, बताशा आदि का वितरण शुरू हो गया. आधी रात बाद तक हकार पूरने के लिए लोगों की कतार आयोजक परिवार के दरवाजे पर लगी रही. गलियां गुलजार रही.
इधर, चुमाओन के बाद उसी जगह भाभी व देवर के बीच पारंपरिक पचीसी खेल शुरू हुआ. दोनों की हंसी-ठिठोली से पूनम की रात भी मानो खिलखिला उठी. आसमान से सुधा की बारिश कर रहा चांद भी मुस्कुरा रहा था. उल्लेखनीय है कि मिथिला में आश्विन पूर्णिमा के दिन कोजागरा मनाया जाता है. नवविवाहित वर के घर के धूमधाम से लोकपर्व मनाते हुए लोगों के बीच पान-मखान बांटा जाता है. इस दिन पान व मखान खाने का विधान है.रघुवर के झुमि-झुमि करियौन चुमान…
बेनीपुर. मिथिला का लोकपर्व कोजागरा सोमवार को क्षेत्र में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. पर्व को लेकर वधु पक्ष द्वारा वर पक्ष के यहां रंग-बिरंगे डाला व भार की आवाजाही आकर्षण का केन्द्र बनी रही. नवविवाहित वर के घरों में मेहमानों का जमावड़ा लगा रहा. विदित हो कि शरद पूर्णिमा की रात मिथिला में लक्ष्मी पूजन की भी परंपरा सदियों से चली आ रही है. घर की महिलाएं शाम ढलते ही घर में लक्ष्मी का आह्वान कर उनकी पूजा की. साथ ही नवविवाहित युवक के घर कोजागरा पर्व उत्सवी माहौल में मनाया गया. उनके ससुराल से बड़ी संख्या में भार व आकर्षक ढंग से सजा डाला आया. कोजागरा को लेकर शाम ढलते ही गांव की विभिन्न आंगन से आजु सुदिन दिन निर्मल बनल अछि सोना ओ चांदी समान कि रघुवर के झुमि-झुमि करयौन चुमान सरीखे गीतों से क्षेत्र गुंजायमान होने लगे. वहीं नवविवाहित दुल्हे का चुमाओन किया गया. साथ ही आधी रात तक पचीसी खेल भी चलता रहा. इसके सह-मात पर रह-रहकर ननद- भाैजाइ की हंसी-ठिठोली से पूनम की रात जवां होती रही. चुमाओन के बाद प्रसाद स्वरूप लोगों के बीच पान, मखान, बताशा का वितरण किया गया. इस दौरान वर पक्ष के घर सगे-संबंधी का जमावड़ा लगा रहा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
