दरभंगा: शहर में बंदरों के बढ़ते आतंक से लोगों को राहत दिलाने के लिए पार्षदों ने निजी स्तर पर अभियान शुरू किया है. बुधवार को वार्ड 21 में बंदर पकड़ने का अभियान जारी रहा. वहीं वार्ड 21 की तर्ज पर वार्ड 12 में भी बुधवार से बंदर पकड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी गयी.
बंदरों को पकड़ने के लिए उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से करीब एक दर्जन प्रशिक्षित लोगों की टीम बुलायी गयी है.
वार्ड 12 में पहले दिन 19 बंदर पकड़े गये
वार्ड 12 के पार्षद मुकेश महासेठ ने बुधवार से अपने क्षेत्र में बंदर पकड़ने का अभियान शुरू कराया. शाम तक 19 बंदर पकड़े जा चुके थे.
पार्षद के अनुसार, एक बंदर पकड़ने में करीब 700 रुपये का खर्च आ रहा है. अभियान में स्थानीय लोगों ने करीब 20 हजार रुपये का सहयोग किया है.
वार्ड 21 में अब तक दर्जनों बंदर पकड़े गये
वार्ड 21 के पार्षद नवीन सिन्हा ने बताया कि उनके क्षेत्र में बंदर लगातार लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर रहे थे. इसी को देखते हुए 26 अगस्त से बंदर पकड़ने का अभियान शुरू किया गया.
उनके अनुसार, रविवार तक 49 बंदरों को बिना क्षति पहुंचाये पकड़कर जंगल में छोड़ा जा चुका था. बुधवार तक करीब चार दर्जन और बंदर पकड़े गये हैं, जिन्हें अभी स्थानांतरित किया जाना बाकी है.
नगर निगम की कार्रवाई टलने के बाद निजी खर्च पर अभियान
गौरतलब है कि फरवरी 2025 में नगर निगम बोर्ड ने बंदरों की समस्या के समाधान के लिए पार्षद नवीन सिन्हा, नफीसुल हक रिंकू और मुकेश महासेठ की तीन सदस्यीय समिति बनायी थी.
समिति ने वन विभाग से अनापत्ति भी प्राप्त कर ली थी, लेकिन निगम स्तर पर कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी. इसके बाद वार्ड 21 के पार्षद नवीन सिन्हा ने निजी खर्च पर बंदर पकड़ने का अभियान शुरू किया.
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