Kamtaul Health Camp: मिथिला के ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं में हीमोग्लोबिन की बेहद चिंताजनक कमी देखी जा रही है. यह महत्वपूर्ण बात निःशुल्क चिकित्सा शिविर के समापन पर आयोजित एक विशेष वार्तालाप के दौरान डॉ ओमेर साकिब ने कही. उनके कुशल नेतृत्व में मंगलवार को पाञ्चजन्य सेंटर पिण्डारुच द्वारा मालपट्टी गांव में एक दिवसीय निःशुल्क चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन किया गया. इस शिविर में 36 पुरुषों और 21 बच्चों सहित कुल 84 ग्रामीणों के स्वास्थ्य का गहन परीक्षण किया गया.
सामान्य जांच के साथ बांटी गई मुफ्त दवाएं, ब्लड शुगर और बीपी की हुई जांच
रामनोवा हेल्थकेयर एवं रेडक्रॉस दरभंगा के विशेष सौजन्य से आयोजित इस शिविर में आए तमाम मरीजों की सामान्य शारीरिक जांच की गई और उनके बीच निःशुल्क जीवन रक्षक दवाओं का भी वितरण किया गया. शिविर में मुख्य रूप से लोगों के ब्लड प्रेशर (बीपी), शुगर, खून की कमी और उनके पोषण स्तर की जांच की गई. डॉ साकिब ने मौसमी बीमारियों से बचाव और प्राथमिक स्वास्थ्य के महत्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए मरीजों को कई जरूरी स्वास्थ्य संबंधी सलाह दीं.
बरसात में मौसमी बीमारियों का खतरा, साफ-सफाई पर दें विशेष ध्यान
डॉ साकिब ने कहा कि अभी बरसात का मौसम चल रहा है, जिसके कारण डायरिया, बुखार, सर्दी-जुकाम और त्वचा संबंधी रोग काफी तेजी से फैलते हैं. उन्होंने ग्रामीणों को स्वच्छ पानी पीने, नियमित रूप से हाथ धोने और अपने घर के आसपास किसी भी सूरत में जलजमाव नहीं होने देने की सलाह दी. उन्होंने बताया कि घुटने व पैर के जोड़ों का दर्द तथा पेट की समस्या यहां की आम बीमारियां हैं, जो कुपोषण, अस्वस्थ परिवेश और खराब जीवनशैली की वजह से पनप रही हैं.
महिलाओं का हीमोग्लोबिन स्तर 8 से भी नीचे, खानपान सुधारने की सलाह
जांच के दौरान सबसे गंभीर समस्या महिलाओं और बच्चों में खून की भारी कमी के रूप में सामने आई. कई महिलाओं का हीमोग्लोबिन स्तर आठ से भी नीचे पाया गया. डॉ साकिब ने ग्रामीण महिलाओं को दैनिक आहार में हरी सब्जी, गुड़, चना शामिल करने और आयरन की गोली नियमित रूप से लेने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि किशोरियों और गर्भवती महिलाओं को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है. मौके पर रेडक्रॉस दरभंगा की टीम ने भी लोगों को स्वच्छता और बेहतर पोषण के प्रति जागरूक किया.
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