जाले मेला हादसा: रतनपुर स्थित गंगेश्वरस्थान में रविवार को लगे मेले में सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गयी, जब आम के पेड़ की एक बड़ी टहनी अचानक टूटकर नीचे गिर गयी. टहनी के नीचे और आसपास खाने-पीने की कई दुकानें लगी थीं. हादसे के समय दुकानदार और ग्राहक मौजूद थे. गनीमत रही कि घटना में किसी को चोट नहीं लगी.
दुकानों के पास गिरी टहनी
बताया गया कि रविवार को गंगेश्वरस्थान परिसर में रविवारीय मेला लगा था. परिसर में आम के पेड़ के नीचे एक दर्जन से अधिक खाने-पीने की दुकानें लगी थीं. दुकानदार भट्ठी पर कड़ाही चढ़ाकर जलेबी, कचरी और आलू चॉप आदि तल रहे थे. इसी दौरान आम के पेड़ की एक बड़ी टहनी अचानक टूटकर दुकानों के समीप गिर गयी.
टहनी गिरने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोगों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गयी. दुकानदार और ग्राहक तत्काल सुरक्षित स्थान की ओर हटने लगे. हालांकि कुछ ही देर में स्थिति सामान्य हो गयी.
बाल-बाल बचे दुकानदार और ग्राहक
जिस स्थान पर टहनी गिरी, वहां कई लोग मौजूद थे. इसके अलावा दुकानों पर खौलते तेल में जलेबी और अन्य खाद्य सामग्री तली जा रही थी. संयोग से टहनी खौलते तेल से भरी कड़ाही पर नहीं गिरी और कड़ाही भी नहीं पलटी. इससे बड़ा हादसा होने से बच गया.
चापाकल और एक दुकानदार का ठेला भी टहनी की चपेट में आने से सुरक्षित रहा. स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि टहनी थोड़ी अलग दिशा में गिरती तो दुकानदारों और ग्राहकों को गंभीर चोट लग सकती थी.
मजदूरों की मदद से हटायी गयी टहनी
घटना की सूचना मिलते ही मंदिर न्यास समिति के कार्यकारी अध्यक्ष शिव नारायण ठाकुर समेत समिति के कई सदस्य मौके पर पहुंचे. उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया और मजदूरों की मदद से पेड़ की गिरी हुई टहनी को हटवाया.
टहनी हटाये जाने के बाद मेले में फिर से सामान्य स्थिति बहाल हो गयी. दुकानदारों और श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली. घटना के बाद स्थानीय लोगों ने मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर परिसर में पुराने और बड़े पेड़ों की नियमित जांच की जरूरत बतायी.
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