Darbhanga News: भक्ति के माध्यम से मुक्ति प्राप्त कर सकता मानव: अमृता भारती

Darbhanga News:कोला हरिनाही गांव में आयोजित श्रीराम चरितमानस व गीता ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन साध्वी अमृता भारती ने भक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला.

Darbhanga News: कुशेश्वरस्थान पूर्वी. दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा कोला हरिनाही गांव में आयोजित श्रीराम चरितमानस व गीता ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन साध्वी अमृता भारती ने भक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला. कहा कि मानव जीवन में भक्ति के माध्यम से मुक्ति प्राप्त की जा सकती है. जीवन का उद्देश्य ईश्वर की प्राप्ति है. भक्ति के बिना यह संभव नहीं है. मानव जीवन का सर्वोच्च आभूषण भक्ति ही है. यह वह साधन है, जिसके द्वारा मनुष्य सांसारिक बंधनों से मुक्त होकर परमात्मा से जुड़ता है. भक्ति का अर्थ केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस गहन प्रेम, श्रद्धा और समर्पण की भावना है, जो व्यक्ति के हृदय में भगवान के प्रति उत्पन्न होता है. उन्होंने कहा कि भक्ति मनुष्य के जीवन को शुद्ध, सरल और मधुर बना देती है. जब हृदय में भक्ति जागृत होती है तो अहंकार, क्रोध, लोभ, मोह व ईर्ष्या जैसे नकारात्मक भाव स्वयं समाप्त हो जाते हैं. भक्त का जीवन प्रेम, करुणा और त्याग से ओतप्रोत हो जाता है.उन्होंने कहा कि शास्त्रों में कहा गया है भक्तिः परम गङ्गा सा, यत्र स्नात्वा पुमान् भवेत्. अर्थात् भक्ति वह परम पवित्र गंगा है, जिसमें स्नान करने से मनुष्य पवित्र होकर मुक्त हो जाता है. भक्ति ही वह सेतु है, जो जीव और परमात्मा को जोड़ती है. ज्ञान बिना भक्ति सूखा रहता है और कर्म बिना भक्ति केवल अहंकार को बढ़ाता है. अतः मानव जीवन का सच्चा उद्देश्य भक्ति के मार्ग पर चलकर ईश्वर से एकाकार होना है. कार्यक्रम समाप्ति के बाद संतों के लिए विशाल भंडारा की व्यवस्था की गयी थी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By PRABHAT KUMAR

PRABHAT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >