Darbhanga News: दरभंगा. 1955 में दत्तोपंत ठेंगड़ी द्वारा जिस भावना से डाकघर के अधिकारियों तथा कर्मचारियों के हितों लिए संघ और संगठन की स्थापना की गई थी, उनके सोच को डाकघर से जुड़े अधिकारियों तथा कर्मचारियों को आत्मसात करनी चाहिए. ये बातें रविवार को पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर सभागार में सांसद सह लोकसभा में पार्टी के सचेतक गोपालजी ठाकुर ने कही. भारतीय डाक निरीक्षक एवं सहायक अधीक्षक संघ बिहार परिमंडल के प्रथम द्विवार्षिक अधिवेशन का उद्घाटन के बाद कहा कि भारतीय डाकघर के अधिकारी व कर्मचारी देशहित की भावना से सरकार के उद्देश्यों व सोच को आमजन के बीच पहुंचाने का कार्य करते हैं. डाक विभाग के कर्मचारियों को सेवा भावना के मूल मंत्र को रेखांकित करते हुए कहा कि कोरोना जैसे आपदा के समय जिस तरह से डाक विभाग ने पीड़ितों की सेवा की वह डाक विभाग के अधिकारियों तथा कर्मियों की कार्यशैली का श्रेष्ठ उदाहरण है. यह संस्था अन्य सभी संस्थाओं से अलग हटकर आमलोगों की सेवा तथा मदद के लिए अपनी कर्तव्यनिष्ठा का पालन करते हैं. अधिवेशन में डाक विभाग के अधिकारयों ने सांसद को कर्मचारी संगठनों के हित में कर्मचारियों के लिए आठवां वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए उचित पहल करने का अनुरोध किया. सांसद ने इस मुद्दे पर शीघ्र संचार मंत्रालय में पहल करने का आश्वासन भी दिया. मौके पर उत्तरी क्षेत्र मुजफ्फरपुर के डाक महाध्यक्ष पवन कुमार सिंह, पीटीसी डायरेक्टर पंकज कुमार मिश्र, अंजनी कुमार सिंह, विक्रम सिंह, विकास कुमार सहित डाक निरीक्षक सहायक अधीक्षक तथा पोस्टल अधिकारी मौजूद थे.
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