Darbhanga News: दरभंगा. साहित्य अकादमी से पुरस्कृत मैथिली साहित्यकार विभूति आनंद को आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज के सभागार में आयोजित समारोह में लक्ष्मी-हरि विशिष्ट उपन्यासकार सम्मान प्रदान किया गया. यह सम्मन अरविंद मोहन ने हस्तगत कराया. इस अवसर पर मोहन ने कहा कि लेखन कार्य के प्रति समर्पित विभूति आनंद को इससे अतिरिक्त रचनात्मक ऊर्जा मिलेगी. मौके पर प्रो. देवशंकर नवीन ने कहा कि विभूति का रचना धर्म मैथिली साहित्य के लिए महत्वपूर्ण है. उनकी रचना परिधि व्यापक है. प्रो. रामाज्ञा शशिधर ने हरिदास की आत्मकथा का जिक्र करते हुए तत्कालीन मिथिला राज में हो रहे किसानों के शोषण-उत्पीड़न को रेखांकित किया. मैथिली के रचनाकार तारानंद वियोगी ने भी विभूति आनंद के लेखन की चर्चा की. वहीं अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के हिंदी के प्रोफेसर कमलानन्द झा ने कहा कि मैथिली में पूर्णकालिक आलोचक का अभाव है. गौरीनाथ ने कथा विधा के लोकतांत्रिक गुणों तथा उसके उद्देश्यों की चर्चा की. हिंदी मैथिली के लेखक-पत्रकार श्रीधरम ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला. शुभेंदु शेखर ने उपन्यास विधा के विविध पहलुओं पर चर्चा की. इस अवसर पर सारंग कुमार, वैद्यनाथ मिश्र, निवेदिता झा, कविता पाठक, संस्कृति मिश्र आदि उपस्थित थे.
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