Madhubani News: मधुबनी में शनिवार को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से वर्ष की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की गई. व्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित इस लोक अदालत में सुलह योग्य मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष व्यवस्था की गई. सुबह कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन कुमार पांडेय, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय जय किशोर दूबे, डीएएसजे प्रथम रचना राज और प्राधिकार सचिव संदीप चैतन्य ने दीप प्रज्वलित कर किया.
सुलह से निपट रहे मामले
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन कुमार पांडेय ने कहा कि लोक अदालत आम लोगों को सरल, सस्ता और त्वरित न्याय देने का प्रभावी माध्यम है. इसमें आपसी समझौते के आधार पर मामलों का निपटारा किया जाता है, जिससे लोगों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ता. उन्होंने कहा कि लोक अदालत में न किसी की हार होती है और न किसी की जीत, बल्कि दोनों पक्षों की सहमति से समाधान निकलता है.
नौ बेंचों का किया गया गठन
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान कुल नौ बेंचों का गठन किया गया. इनमें छह बेंचों पर सुलह योग्य मामलों की सुनवाई और निपटारा किया जा रहा है. वहीं ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों के लिए तीन विशेष बेंच बनाई गई हैं, जहां लंबित चालानों का ऑन-द-स्पॉट निष्पादन किया जा रहा है.
लोगों में दिखा उत्साह
लोक अदालत में बैंक ऋण, पारिवारिक विवाद, चेक बाउंस, बिजली बिल और ट्रैफिक चालान समेत कई मामलों के निष्पादन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. न्यायिक अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे सुलह योग्य मामलों का निपटारा लोक अदालत के माध्यम से कर लाभ उठाएं.
मधुबनी से रमन मिश्रा की रिपोर्ट
