Darbhanga News: स्मार्ट सिटी और आधुनिक व्यवस्था के तमाम दावों के बीच दरभंगा का सबसे व्यस्त ‘वीआईपी रोड’ अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. थोड़ी सी बारिश ने नगर निगम और जनप्रतिनिधियों के विकास के दावों की पोल खोलकर रख दी है. प्लस टू एमएल एकेडमी से लेकर आरएन मिश्र राजकीय बालिका प्लस टू स्कूल तक की मुख्य सड़क झील में तब्दील हो गई है. स्थिति इतनी भयावह है कि जलजमाव के कारण सड़क और खुले नाले के बीच फर्क करना मुश्किल हो गया है.
खुले नाले में गिर रहे लोग, बाल-बाल बच रही जान
बारिश के बाद सड़क पर जमा घुटने भर पानी के कारण कई लोग खुले नाले में गिरकर चोटिल हो चुके हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, नाले पर ढक्कन या स्लैब नहीं होने से राहगीरों, विशेषकर स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह रास्ता जानलेवा साबित हो रहा है. शुक्रवार को भी कई लोग खुले नाले में गिरने से बाल-बाल बचे. स्थानीय नागरिकों में इस संवेदनहीनता को लेकर भारी आक्रोश है. लोगों का कहना है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है.
सांसद-विधायक और नगर निगम कटघरे में
क्षेत्र की इस दुर्दशा ने स्थानीय सांसद, विधायक और नगर निगम प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है. लोगों का आरोप है कि चुनाव के समय विकास की बड़ी बातें की जाती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत भयावह है. करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी शहर की मुख्य सड़क सुरक्षित नहीं है. टैक्स वसूली में आगे रहने वाला नगर निगम बुनियादी सुविधाएं देने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है. स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही ड्रेनेज व्यवस्था और खुले नालों की मरम्मत नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे. दरभंगा से सूरज कुमार की रिपोर्ट
