दरभंगा: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (लनामिवि) ने पीएचडी प्रवेश परीक्षा (पीएटी)-2024 के तहत शोधार्थियों के लिए नामांकन का अवसर बढ़ा दिया है. विश्वविद्यालय ने संकायवार एवं विषयवार संशोधित रिक्तियां जारी करते हुए पीएचडी की सीटें 999 से बढ़ाकर 1567 कर दी हैं. इससे शोध में प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए 568 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध हुई हैं.
संशोधित रिक्तियों के अनुसार छह संकायों के 23 विषयों में पीएचडी नामांकन होगा. इन सीटों के लिए कुल 1756 अभ्यर्थियों को 11 से 18 सितंबर तक आयोजित होने वाले साक्षात्कार में शामिल होना है. हालांकि 13 और 14 सितंबर को अवकाश रहने के कारण इन दोनों दिनों साक्षात्कार नहीं होगा.
831 पीएटी उत्तीर्ण और 925 परीक्षा से छूट प्राप्त अभ्यर्थी
साक्षात्कार में शामिल होने वाले 1756 अभ्यर्थियों में 831 पीएटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी हैं, जबकि 925 अभ्यर्थियों को प्रवेश परीक्षा से छूट प्राप्त है.
विश्वविद्यालय की ओर से जारी संशोधित रिक्तियों से लंबे समय से शोध में प्रवेश के अवसर की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है.
विज्ञान संकाय में सबसे अधिक बढ़ीं सीटें
संशोधित सीटों के अनुसार विज्ञान संकाय में पांच विषयों की सीटें 142 से बढ़ाकर 376 कर दी गयी हैं. मानविकी संकाय में छह विषयों की सीटें 394 से बढ़कर 493 तथा सामाजिक विज्ञान संकाय में आठ विषयों की सीटें 360 से बढ़कर 585 हो गयी हैं.
शिक्षा संकाय में सीटों की संख्या 40 से बढ़ाकर 50 की गयी है. इसके अलावा वाणिज्य में 20, प्रबंधन में 10 और संगीत में 33 सीटें निर्धारित की गयी हैं.
किन विषयों में कितनी सीटें
विषयवार देखें तो भौतिकी में 116, रसायनशास्त्र में 155, गणित में 58, हिंदी में 195, अंग्रेजी में 112, मैथिली में 45, इतिहास में 111, भूगोल में 96, अर्थशास्त्र में 88, मनोविज्ञान में 87 और समाजशास्त्र में 88 सीटें उपलब्ध हैं.
इन विषयों में उपलब्ध रिक्तियों की तुलना में आवेदकों की संख्या कम बतायी गयी है.
आठ विषयों में सीट से अधिक अभ्यर्थी
वहीं वनस्पति विज्ञान, जंतु विज्ञान, इतिहास, राजनीति विज्ञान, वाणिज्य, प्रबंधन, शिक्षा एवं संगीत विषयों में आवेदकों की संख्या उपलब्ध सीटों से अधिक है. इन आठ विषयों के अभ्यर्थियों के बीच नामांकन के लिए प्रतिस्पर्धा अधिक रहेगी.
संशोधित रिक्तियों से विशेष रूप से उन अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी, जो लंबे समय से पीएचडी में प्रवेश के अवसर की प्रतीक्षा कर रहे थे.
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