Darbhanga News: नेपाल में लगातार हो रही बारिश का असर अब कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड में दिखाई देने लगा है. कोशी और कमला बलान नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी के कारण कमला बलान के पश्चिमी तटबंध के पूर्व स्थित कई इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया है. इससे ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है और कई गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है.
बाढ़ का पानी इटहर, उसरी, उजुआ सिमरटोका और तिलकेश्वर पंचायत के निचले इलाकों में फैल गया है. सबसे अधिक असर इटहर, चौकिया और लक्ष्मिनियां गांव में देखा जा रहा है.
सड़कें डूबीं, नाव से हो रहा आवागमन
संपर्क सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों का आना-जाना पूरी तरह प्रभावित हो गया है. कई गांवों में नाव ही आवागमन का एकमात्र साधन बन गई है. ग्रामीणों को दवा, राशन, दूध और अन्य आवश्यक सामान लाने के लिए भी नाव का सहारा लेना पड़ रहा है.
ग्रामीणों का कहना है कि पानी लगातार गांवों की ओर बढ़ रहा है, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से नाव परिचालन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है. ऐसे में लोग अपने खर्च पर नाव की व्यवस्था कर रहे हैं.
पुल निर्माण कार्य भी ठप
तिलकेश्वर पंचायत के गोलमा गांव में निर्माणाधीन पुल का कार्य भी तेज जलप्रवाह के कारण रोक दिया गया है. बढ़ते जलस्तर से निर्माण सामग्री बहने की आशंका बनी हुई है, जिससे परियोजना में देरी होने की संभावना है.
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
अंचलाधिकारी राकेश रौशन भारती ने बताया कि बाढ़ की स्थिति को लेकर समीक्षा बैठक की गई है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर रखे हुए है. जिन क्षेत्रों में आवश्यकता होगी, वहां तत्काल नाव की व्यवस्था कराई जाएगी. उन्होंने लोगों से नदी किनारे नहीं जाने और किसी भी अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की.
