केवटी, दरभंगा. प्रखंड के प्रभारी प्रखंड विकास पदाधिकारी चंद्रमोहन पासवान को ग्रामीण विकास विभाग, पटना ने निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई आर्थिक अपराध इकाई द्वारा आय से अधिक संपत्ति मामले में हुई है. ईओयू की छापेमारी में उनके पास करीब 89 लाख 13 हजार 500 रुपये की आय से अधिक संपत्ति होने के प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिले थे. जब्त राशि उनकी ज्ञात आय से 81.03 प्रतिशत अधिक पायी गयी थी.
एक सप्ताह में स्थानांतरण एवं निलंबन की हुई कार्रवाईएक जुलाई को बीडीओ चन्द्र मोहन पासवान को पूर्णिमा जिले के बड़हर कोठी प्रखंड तबादला कर दिया गया था. वहां के बीडीओ कैलाशपति मिश्र को केवटी प्रखंड का बीडीओ बनाया गया था. इसी बीच विभाग ने केवटी बीडीओ चन्द्र मोहन पासवान को निलंबित कर दिया.
समर्थकों में छायी मायूसीबताया जाता है कि आर्थिक अपराध इकाई की छापेमारी के बाद उनके खिलाफ विभागीय कारवाई नहीं किये जाने से समर्थकों के बीच खुशी थी. लेकिन, अब जबकि उन्हें विभाग ने निलंबित कर दिया है, तो समर्थकों में मायूसी छा गई है.
प्रखंड के इतिहास में पहली घटनाकेवटी प्रखंड के इतिहास में पहली घटना है कि ईओयू ने किसी पदाधिकारी के विभिन्न ठिकानों पर छापामारी की. इतिहास की यह भी पहली घटना है कि किसी बीडीओ पर निलंबन की कारवाई की गयी.
चालीस दिन में हुई कार्रवाईविगत 27 मई को केवटी बीडीओ चन्द्र मोहन पासवान के आधा दर्जन ठिकाने पर आर्थिक अपराध इकाई ने छापामारी की थी. उनके छह ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गयी. आय से अधिक संपत्ति अर्जित मामले में दोषी पाया गया.
प्रखंड मुख्यालय परिसर से पेड़ काटे जाने का भी लगा था आरोपमुख्यालय परिसर से करीब एक दर्जन पेड़ काटे जाने का भी आरोप बीडीओ पर लग चुका है. बीडीओ चन्द्र मोहन पासवान तीन अक्तूबर 2025 को केवटी में बीडीओ के पद पर योगदान दिया था. नौ माह की छोटी अवधि में ही स्थानांतरन के साथ निलंबित का साक्षात्कार उन्हें करना पड़ा.
