Darbhanga News: शत-प्रतिशत अंकुरण की गारंटी वाला सरकारी बीज फेल

Darbhanga News:प्रखंड क्षेत्र में सरकारी अनुदान पर उपलब्ध कराये गये प्रमाणित गेहूं बीज में अंकुरण नहीं होने से किसानों में चिंता के साथ आक्रोश है.

Darbhanga News: बेनीपुर. प्रखंड क्षेत्र में सरकारी अनुदान पर उपलब्ध कराये गये प्रमाणित गेहूं बीज में अंकुरण नहीं होने से किसानों में चिंता के साथ आक्रोश है. किसान इस बीज की प्रमाणिकता व विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं. विदित हो कि प्रखंड में बीज आने की सूचना मिलते ही इसे लेने के लिए किसानों की लंबी कतार लग जाती है. किसानों ने बीज की खरीदारी कर बोआई की, लेकिन इस बीज ने किसानों को मुंह के बल गिरा दिया. प्रखंड के दर्जनों गांव में एक से दो प्रतिशत ही पौधे आने से किसान चिंतित हैं. अमैठी के किसान सरोज कुमार झा ने कहा कि प्रखंड से 80 किलो अनुदानित दर पर गेहूं का बीज लिया. उसकी पौने दो बिगहा खेतों में बोआई कर दी, परंतु इसके 15 दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक पौधे नहीं दिख रहे हैं. खेतों में पर्याप्त नमी भी थी. ऐसा लगता है कि इस बार सरकार द्वारा उपलब्ध कराये जा रहे बीज ही खराब हैं. कुछ इसी तरह का कहना पोहद्दी के अमरनाथ झा, गंगा प्रसाद झा, पिपरा के अखिलेश यादव, नमती के धीरेंद्र मोहन मिश्र का भी है.

किसानों के समय व पैसे दोनों की बर्बादी

किसानों ने बताया कि धान की फसल अनावृष्टि व अतिवृष्टि की भेंट चढ़ गयी. गेहूं की खेती भी कृषि विभाग की धोखाधड़ी की भेंट चढ़कर रह गयी है. समय व पैसा दोनों की बर्बादी हो गयी. किसानों को दुबारा बोआई की चिन्ता सता रही है. पोहद्दी के किसान गंगा प्रसाद झा, अमैठी के विवेकानन्द झा आदि ने कहा कि विभाग की गलत नीति के कारण इस बार गेहूं की खेती पर ग्रहण लगता दिख रहा है. इसके शिकार सैकड़ों किसान माथा पीट रहे हैं. इस बार खेतों में नमी अधिक होने के कारण गेहूं की बोआई लेट से हुई.

बीज का क्या करेंगे बोआई के इंतजार में बैठे किसान

कई किसान खेत में नमी के कारण अभीतक बीज घर में ही रखे हुए हैं. वे भी चिन्तित हैं कि आखिर अब इस बीज का क्या करें. किसान सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं. इसे लेकर बीएओ कार्यालय पर शिकायत करने के लिए किसानों के आने का सिलसिला जारी है. कृषि कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार गेहूं आच्छादन 8465 हेक्टेयर लक्ष्य के विरूद्ध प्रखंड क्षेत्र के किसानों के बीच विभिन्न प्रभेदों के 922.56 क्विंटल गेहूं के बीज आधे दाम पर उपलब्ध कराये गये. इसमें एचडी 2967 प्रभेद 582.96 क्विंटल व डीडब्ल्यू 343 प्रभेद 339.60 क्विंटल बीज की आपूर्ति की गयी थी.

सरकारी बीज से मुंह मोड़ रहे कृषक

इधर अब सरकारी बीज की खरीदारी से किसान मुंह मोड़ने लगे हैं. भीड़ के कारण शुक्रवार तक जहां पुलिस की मौजूदगी में किसानों को बीज देना पड़ रहा था, वहीं शनिवार को वीरानगी छाया रहा. वहां न तो वितरणकर्ता पहुंचे और न ही किसान ही आये.

कहते हैं अधिकारी

ढेर सारे किसानों ने इस तरह की शिकायत की है. इसकी जांच करा रिपोर्ट जिला को भेजी जा रही है. बीज पर हमलोगों का कोई आधिकार नहीं है. बीआरबीएन से ही किसी तरह की गड़बड़ी हुई होगी. शुरुआत में एचडी 2967 प्रभेद के बीज आये थे, उसीकी शिकायत आ रही है. वरीय अधिकारी को सूचना दे दी गयी है. जैसा निर्देश मिलेगा, किया जायेगा. किसान कृषि समन्वयकों से खेतों का जियो टैग करा पुन: बोआई कर लें.

– सूरज कुमार, बीएओ

विधायक ने कृषि मंत्री से की शिकायत, मुआवजा देने का किया आग्रह

बेनीपुर. सरकार द्वारा अनुदानित दर पर उपलब्ध गेहूं के बीज में जर्मिनेशन नहीं होने की शिकायत स्थानीय विधायक तक पहुंच गयी. विधायक प्रो. विनय कुमार चौधरी ने किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कृषि मंत्री राम कृपाल यादव से इसकी शिकायत की. कहा कि प्रखंड के अमैठी, महिनाम, सजनपुरा, नवादा, पिपरा, पोहद्दी, कटवासा आदि गांव के किसानों को अनुदानित दर पर गेहूं के बीज उपलब्ध कराये गये. यह बीज इतना घटिया निकला कि खेतों में पौधे ही नहीं आये. इससे किसान निराश व आक्रोशित हैं. विधायक ने इस समस्या को देखते हुए कृषि मंत्री से किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है. बतौर विधायक मंत्री राम कृपाल यादव ने समुचित कार्रवाई का अश्वासन दिया है.

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Author: PRABHAT KUMAR

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