Darbhanga News: दरभंगा. लनामिवि में 16 अक्तूबर को आयोजित होने वाले 11वें दीक्षांत समारोह में भाग लेने वाले पीजी एवं एमबीए छात्रों से मूल प्रमाण पत्र का दुबारा शुल्क लिया जा रहा है. जबकि पीजी एवं एमबीए के सभी छात्र- छात्रा चतुर्थ सेमेस्टर का ऑनलाइन परीक्षा फार्म भरने के दौरान ही मूल प्रमाणपत्र का शुल्क जमा कर चुके हैं. इसे लेकर छात्रों ने अधिकारियों से नाराजगी जतायी है.
पीजी पास छात्रों से 500 एवं एमबीए छात्रों से 700 रुपये अतिरिक्त शुल्क
बता दें कि विवि ने 11वें दीक्षांत समारोह में भाग लेने के लिए जारी अधिसूचना में कहा है कि पीजी सत्र 2022-24 के उत्तीर्ण छात्रों को 500 रुपये तथा इसी सत्र के एमबीए छात्रों को 700 रुपये प्रमाणपत्र शुल्क जमा करना है. बताया जाता है कि विवि ने यह अधिसूचना दीक्षांत समारोह के लिए गठित कोर कमेटी में लिये गए निर्णय के आलोक में जारी की है. जारी अधिसूचना के अनुसार दीक्षांत समारोह में भाग लेने वाले सत्र 2022-24 के सभी विषयों के पीजी, एमबीए एवं एमएड तथा एक जनवरी से 31 दिसंबर 2024 तक जारी अधिसूचना वाले पीएचडी एवार्डेड छात्रों से एक सितंबर से दीक्षांत समारोह में भाग लेने से संबंधित आवेदन लिया जा रहा है. बताया जाता है कि करीब 100 छात्र- छात्राओं ने सशुल्क आवेदन कर भी लिया है. इसमें कई विषय के पीजी छात्र- छात्रा भी शामिल हैं.परीक्षा फॉर्म भरने के दौरान मूल प्रमाणपत्र का ले लिया जाता पैसा
जानकारी के अनुसार विवि में जबसे सेमेस्टर सिस्टम लागू हुआ है, पीजी का परीक्षा फार्म ऑनलाइन भरा जाता है. इन छात्रों से मूल प्रमाणपत्र का शुल्क परीक्षा शुल्क के साथ चतुर्थ सेमेस्टर का फॉर्म भरने के दौरान ही लिया जाता है. बावजूद विवि प्रशासन दीक्षांत समारोह में शामिल होने वाले इन पीजी एवं एमबीए छात्रों से दुबारा मूल प्रमाणपत्र का शुल्क लिये जाने से संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है. विवि के इस आदेश से पीजी एवं एमबीए उत्तीर्ण छात्रों को दुबारा मूल प्रमाणपत्र का शुल्क देने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है. इससे उन्हें आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है.पीएचडी एवार्डेड छात्रों एवं एमएड छात्रों से मूल प्रमाणपत्र का शुल्क लेना उचित
प्रमाणपत्र शुल्क लेने के लिए विवि का यह आदेश पीएचडी एवार्डेड छात्रों एवं एमएड छात्रों के लिए उचित बताया जाता है, क्योंकि उनसे मूल प्रमाणपत्र का शुल्क पहले नहीं लिया जाता है. वहीं प्रतिभागिता शुल्क भी सभी छात्रों से लिये जाने के निर्णय को सही बताया गया है.कहते हैं अधिकारी
मामले को कुलपति के संज्ञान में दिया जा रहा है. छात्रहित में उचित निर्णय लिया जाएगा.डॉ इंसान अली, परीक्षा नियंत्रक
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