मानसून की बेरुखी से किसान परेशान, कम बारिश के कारण धान की रोपनी पर पड़ी महंगाई की मार

दरभंगा जिले में जून और जुलाई की कम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. पर्याप्त पानी के अभाव में खरीफ फसलों, खासकर धान की रोपनी के लिए किसानों को महंगे पंपसेट का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे प्रति बीघा लागत ₹7-8 हजार तक बढ़ गई है. यह स्थिति पैदावार पर भारी पड़ सकती है.

Low rainfall in Darbhanga: दरभंगा जिले में जून और जुलाई माह में हुई कम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. रुक-रुक कर हो रही छिटपुट बारिश से आम लोगों को गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन खेतों में पर्याप्त पानी नहीं जमने से खरीफ फसलों, विशेषकर धान की रोपनी में किसानों को भारी लागत और अतिरिक्त श्रम लगाना पड़ रहा है. पर्याप्त बारिश न होने के कारण किसान निजी पंपसेट और इलेक्ट्रिक पंप के सहारे किसी तरह रोपनी कर रहे हैं.

प्रति बीघा 7 से 8 हजार रुपये का आ रहा खर्च

संसाधनों के अभाव में किराए के पंपसेट पर निर्भर छोटे किसानों के लिए खेती और महंगी साबित हो रही है. किसानों का कहना है कि एक बीघा खेत में धान की रोपनी कराने में जुताई, पटवन, कदवा और मजदूरी मिलाकर 7,000 से 8,000 रुपये तक का खर्च आ रहा है.

जून-जुलाई में सामान्य से 106.61 mm कम हुई बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में जून और जुलाई माह को मिलाकर सामान्य से 106.61 मिमी कम बारिश दर्ज की गई है:

  • जून माह: सामान्य बारिश 145.10 मिमी के मुकाबले 125.70 मिमी ही बारिश हुई (-19.40 मिमी कम).
  • जुलाई माह: सामान्य बारिश 296.50 मिमी की तुलना में महज 103.20 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई (-193.30 मिमी कम).

रोपनी में देरी से घट सकती है पैदावार: वैज्ञानिक

कृषि विज्ञान केंद्र जाले के वैज्ञानिक डॉ. चंदन ने बताया कि खरीफ धान की रोपनी का सबसे उत्तम समय 15 जून से 25 जुलाई तक होता है. इस अवधि में रोपनी होने पर उत्पादन बेहतर मिलता है. इसके बाद रोपनी करने से फसल के उत्पादन में गिरावट आती है और कीट-व्याधियों (बीमारियों) के प्रकोप का खतरा बढ़ जाता है.

लक्ष्य से पिछड़ी खरीफ फसल, अब तक 86% आच्छादन

कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में अब तक विभिन्न फसलों का आच्छादन लक्ष्य के मुकाबले केवल 86% ही हो सका है:

  • धान: 1,03,462.30 हेक्टेयर लक्ष्य के विरुद्ध 91,355.94 हेक्टेयर (88%) में ही रोपनी संभव हो सकी है.
  • मक्का: 956.91 हेक्टेयर के विरुद्ध 406.65 हेक्टेयर.
  • दलहन: 1205 हेक्टेयर के विरुद्ध मात्र 253.80 हेक्टेयर.
  • तेलहन: 4 हेक्टेयर के विरुद्ध केवल 2 हेक्टेयर.
क्या कहते हैं अधिकारी? "जिले में कम बारिश के कारण किसानों की समस्याएं बढ़ी हैं और अब तक 86% ही फसल आच्छादन हो पाया है. विभाग और राज्य सरकार को स्थिति की रिपोर्ट भेजी जा रही है. अगर आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है, तो आच्छादन का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाएगा." — डॉ. सिद्धार्थ, जिला कृषि पदाधिकारी (DAO), दरभंगा.


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By पुरुषोत्तम कुमार चौधरी

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