Darbhanga news: पेट की भूख पर भारी पड़ी शक्ति की अधिष्ठात्री देवी की आस्था

Darbhanga news:प्रतिकूल परिस्थितियों में भी बाढ़ पीड़ितों ने अपनी आस्था का त्याग नहीं किया. बांध पर शरण लेने वाले लोगों ने यहीं भगवती दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना शुरू कर दी.

Darbhanga news: मनोज कुमार साह, गौड़ाबौराम. प्रखंड के पुनाच गांव में बाढ़ की तबाही के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था तनिक भी नहीं डगमगाई. प्रतिकूल परिस्थितियों में भी बाढ़ पीड़ितों ने अपनी आस्था का त्याग नहीं किया. बांध पर शरण लेने वाले लोगों ने यहीं भगवती दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना शुरू कर दी. बता दें कि गत 29 सितंबर को कोसी नदी का पश्चिमी तटबंध भूबोल गांव के समीप टूट जाने से तबाही मच गयी. हजारों लोग बेघर हो गये. कई लोगों की जान चली गयी. लोग किसी तरह भाग कर तटबंध पर पहुंचे. बदन का कपड़ा ही साथ रहा. भोजन तक के लिए लाले पड़ गये, लेकिन शक्ति की अधिष्ठात्री देवी दुर्गा के प्रति आस्था पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा. पुनाच के बाढ़ पीड़ितों ने दुर्गा पूजा को एक नये स्वरूप में मनाना शुरू किया. हर साल की भांति इस बार भी बाढ़ पीड़ितों ने गांव के बदले कमला बांध पर ही माता की प्रतिमा स्थापित कर पूजा शुरू कर दी. प्रतिमा निर्माण से लेकर पूजा की तैयारी तक का काम बाढ़ पीड़ितों ने खुद मिलकर किया. बाढ़ की विभीषिका व कठिन परिस्थितियों के बावजूद शरणार्थियों ने सामूहिक प्रयास से एक अस्थायी दुर्गा मंडप तैयार कर पूजा प्रारंभ की. बांध पर आश्रय ले रखे अनिल मुखिया, बच्ची दास मुखिया, प्रमोद मुखिया, अशोक मुखिया, फूलचंद्र मुखिया सहित अन्य शरणार्थियों का कहना है कि कोसी की तबाही के कारण इस बार बिना बाजा व बिना किसी सांस्कृतिक कार्यक्रम किए माता दुर्गा की पूजा विधि-विधानपूर्वक की जा रही है. कई लोगों का मानना है कि इस विपत्ति में भी आस्था ने ही उन्हें संबल प्रदान किया है. धार्मिक आस्था के जरिए वे मानसिक शांति और सामूहिक सहयोग से इस कठिन समय का सामना कर रहे हैं.

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