Darbhanga News: सात निश्चय योजना के तहत वर्ष 2017-18 में पंचायतों में स्थापित की गई नल-जल योजना अब सफेद हाथी साबित हो रही है. शीशो पश्चिमी पंचायत सहित दरभंगा सदर की अधिकांश पंचायतों में पानी की टंकियों की सफाई वर्षों से लंबित है. रख-रखाव के अभाव में टंकियों के भीतर काई और गंदगी की मोटी परत जम गई है. पीएचईडी विभाग की इस घोर लापरवाही के कारण नलों से आने वाला पानी अब शुद्ध नहीं, बल्कि बीमारियों का स्रोत बनता जा रहा है.
दूषित पानी से बढ़ रहा स्वास्थ्य का खतरा
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जब से योजना शुरू हुई है, तब से एक बार भी टंकियों की विधिवत सफाई नहीं कराई गई है. टंकियों में जमा गंदा पानी और काई के कारण पेयजल की गुणवत्ता पूरी तरह खराब हो चुकी है. इससे क्षेत्र में जलजनित बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है. लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है.
ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग
पंचायत के लोगों ने विभागीय अधिकारियों के खिलाफ भारी आक्रोश जताया है. ग्रामीणों ने मांग की है कि पीएचईडी विभाग तुरंत संज्ञान ले और सभी टंकियों की सफाई सुनिश्चित करे. यदि जल्द ही शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई, तो ग्रामीण आंदोलन को बाध्य होंगे.
दरभंगा सदर से अशोक कुमार झा की रिपोर्ट
