Darbhanga News: कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड क्षेत्र के भिण्डुआ गांव में आयोजित महाविष्णु यज्ञ के छठे दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत माहौल देखने को मिला. यज्ञ स्थल पर दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहां वृंदावन से आए कथा वाचक अनिकेत कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला एवं गोवर्धन लीला का भावपूर्ण वर्णन किया. संगीतमय कथा सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे.
माखन चोरी और यशोदा मैया के वात्सल्य प्रेम पर मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु
कथा के दौरान अनिकेत कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं मानव जीवन को प्रेम, स्नेह और धर्म का संदेश देती हैं. उन्होंने बताया कि किस प्रकार बाल्यकाल में भगवान श्रीकृष्ण ने गोकुल और वृंदावन में अपनी अद्भुत लीलाओं से लोगों का मन मोह लिया था. माखन चोरी, गोपियों के साथ हास-परिहास तथा यशोदा मैया के वात्सल्य प्रेम का सजीव वर्णन सुन श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए.
गोवर्धन लीला से इंद्र का अहंकार टूटा, उंगली पर उठाया पर्वत
इसके बाद उन्होंने गोवर्धन लीला का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने देवराज इंद्र के अहंकार को समाप्त करने के लिए अपनी कनिष्ठिका उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर समस्त ब्रजवासियों और पशु-पक्षियों की रक्षा की थी. उन्होंने कहा कि यह लीला हमें सिखाती है कि प्रकृति का सम्मान करना चाहिए. अहंकार का अंत निश्चित है तथा सच्ची भक्ति और विश्वास से भगवान सदैव अपने भक्तों की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं.
“राधे-राधे” के जयकारों से गूंजा परिसर
कथा के दौरान पूरा यज्ञ परिसर “राधे-राधे” और “जय श्रीकृष्ण” के जयकारों से गूंज उठा. श्रद्धालु भक्ति रस में डूबकर झूमते रहे. यज्ञ स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है. स्वयंसेवकों की टीम लगातार सक्रिय है. देर शाम तक भजन-कीर्तन और महाआरती का दौर चलता रहा, जिससे पूरा वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा.
दरभंगा के कुशेश्वरस्थान पूर्वी से संतोष पोद्दार की रिपोर्ट
