Darbhanga News: दरभंगा जिले का सुपौल बाजार इन दिनों अवैध नर्सिंग होम का अड्डा बन चुका है. स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे बिना डिग्री और लाइसेंस के झोलाछाप डॉक्टर मासूमों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं. सबसे चौंकाने वाला मामला सुपौल कॉलेज रोड स्थित बनदेवी नगर से सामने आया है, जहां गैस रिफिलिंग का काम करने वाला एक व्यक्ति खुद को डॉक्टर बताकर बच्चों का इलाज कर रहा है.
डिग्रीधारी डॉक्टरों के नाम का सहारा, गरीबों से लूट
इन नर्सिंग होम में बाहर तो बड़े डिग्रीधारी डॉक्टरों के नेमप्लेट टंगे हैं, लेकिन अंदर का नजारा खौफनाक है. प्रशिक्षित स्टाफ और सुविधाओं के अभाव में झोलाछाप डॉक्टर खुद ही मरीजों को भर्ती करते हैं और मामूली बीमारी में भी हजारों का बिल थमा देते हैं. स्थानीय निवासी चंद्र विजय साहू के अनुसार, गलत इलाज के कारण यहाँ कई बच्चों की मौत भी हो चुकी है. हंगामे के बाद पुलिस आती तो है, लेकिन कुछ दिनों बाद ये सेंटर फिर से गुलजार हो जाते हैं.
विभागीय चुप्पी पर उठ रहे सवाल
राजद नेता कैलाश चौधरी ने स्वास्थ्य विभाग पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि बेनीपुर और बहेड़ा में तो कार्रवाई हुई, लेकिन बिरौल में विभाग मौन है. स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि एक विशेष टीम गठित कर इन अवैध नर्सिंग होम की जांच की जाए और संचालक पर एफआईआर दर्ज कर इन्हें तुरंत बंद कराया जाए.
क्या कहते हैं जिम्मेदार?
इस संबंध में सिविल सर्जन अरुण कुमार ने बताया कि बिरौल प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को जांच के सख्त आदेश दिए गए हैं. उन्होंने जल्द ही इस मामले में कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
दरभंगा के बिरौल से शंकर सहनी की रिपोर्ट
