Darbhanga News: बिहार में चमकी बुखार (एईएस) के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. विभाग ने डॉक्टरों की नाइट ड्यूटी को लेकर नियमों में बड़ा बदलाव किया है. राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडे ने दरभंगा सहित 12 जिलों के सिविल सर्जनों को कड़े निर्देश जारी किए हैं. नए नियम के मुताबिक, रात की ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों को अब अहले सुबह 4 बजे अपनी उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज करानी होगी.
सुबह का समय है संवेदनशील
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, एईएस से पीड़ित बच्चों की स्थिति अक्सर तड़के (सुबह के समय) अधिक गंभीर हो जाती है. ऐसे में उस समय विशेषज्ञ डॉक्टरों का अस्पताल में मौजूद रहना जीवन रक्षक साबित हो सकता है. इसी संवेदनशीलता को देखते हुए यह फैसला लिया गया है ताकि मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके और किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके.
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
यह नया नियम 1 मई से प्रभावी हो गया है. निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि यदि सुबह 4 बजे की हाजिरी के दौरान कोई भी डॉक्टर ड्यूटी से गायब पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य समय पर बेहतर इलाज सुनिश्चित करना और एईएस से होने वाली मृत्यु दर को कम करना है.
दरभंगा से अशोक कुमार की रिपोर्ट
