Darbhanga News: मुखिया और वार्ड सदस्य मिलकर चलाएंगे बाल विवाह मुक्त समाज अभियान, अनाथ बच्चों को मिलेगा योजनाओं का लाभ

Darbhanga News: दरभंगा के अलीनगर प्रखंड कार्यालय में बुधवार 3 जून 2026 को बाल संरक्षण समिति की बैठक हुई. जिले में बाल विवाह का ग्राफ 23% से बढ़ने पर चिंता जताई गई और मखाना उद्योग में बाल श्रम पर रोक व नियमित स्कूल भेजने का निर्णय लिया गया.

दरभंगा से एम ए सारिम की रिपोर्ट

Darbhanga News: प्रखंड कार्यालय के सभागार में बुधवार, 3 जून 2026 को प्रखंड स्तरीय बाल संरक्षण समिति की एक महत्वपूर्ण त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता प्रमुख प्रतिनिधि राजीव कुमार यादव द्वारा की गई. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बाल कल्याण पर आधारित कार्यक्रमों की समीक्षा करना और समाज को बाल विवाह व बाल श्रम जैसी कुप्रथाओं से मुक्त कराना था. बैठक में जिला स्तर पर बाल विवाह के बढ़ते आंकड़ों पर गहरी चिंता व्यक्त की गई और इसे रोकने के लिए पंचायत से लेकर वार्ड स्तर तक विशेष जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया.

उपभोक्ताओं, समाजसेवियों और क्षेत्र की जनता के लिए इस बैठक से जुड़े मुख्य निर्णयों और प्रशासनिक निर्देशों का विस्तृत विवरण नीचे दिया जा रहा है.


अलीनगर बाल संरक्षण समिति बैठक एक नजर में

विवरण की श्रेणीमुख्य जानकारी और फैक्ट्स
बैठक का नामप्रखंड स्तरीय बाल संरक्षण समिति की त्रैमासिक बैठक.
स्थानप्रखंड कार्यालय सभागार, अलीनगर (दरभंगा).
अध्यक्षताप्रमुख प्रतिनिधि राजीव कुमार यादव.
मुख्य चिंताजिले में बाल विवाह का ग्राफ 23% के पुराने औसत से और अधिक बढ़ना.
प्रमुख फैसलेमखाना उद्योग में बाल श्रम पर पूर्ण रोक, नियमित स्कूल भेजने हेतु माता-पिता की काउंसिलिंग.
मुख्य प्रशासनिक उपस्थितिबीडीओ ललित कुमार मिश्रा, सीडीपीओ अंजू कुमारी.

बाल विवाह का बढ़ता ग्राफ चिंताजनक, जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर विमर्श

बैठक के दौरान सेंटर डायरेक्टर कवच परियोजना दरभंगा ने बैठक के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला. इसके बाद मिशन एक्सपर्ट श्रीमती सोनाली कुमारी एवं प्रखंड समन्वयक श्रीमती बबीता कुमारी ने बाल हितैषी मुद्दों को सामने रखा. उन्होंने बताया कि जिले में पहले जहां बाल विवाह का औसत अनुपात 23 प्रतिशत दर्ज था, वह अब घटने की बजाय और अधिक बढ़ गया है, जो समाज के लिए एक बेहद गंभीर और चिंताजनक विषय है. बैठक को लेकर प्रखंड के सभी मुखियों को पूर्व में ही सूचना दी गई थी, लेकिन निर्धारित समय पर उनकी उपस्थिति काफी कम रही, जिस पर सजगता दिखाने की अपील की गई.


मखाना उद्योग में बाल श्रम पर कड़ा रुख और शिक्षा की क्षति पर निर्देश

  • बाल श्रम का विरोध: बैठक में छोटे-छोटे बच्चों को मखाना उद्योग में मजदूरी के कार्य में लगाए जाने की प्रवृत्ति को पूरी तरह गलत और दण्डनीय बताया गया.
  • नियमित शिक्षा पर जोर: बच्चों के नियमित स्कूल न जाने के विषय पर भी गंभीर चर्चा हुई. अधिकारियों ने समझाया कि यदि कोई बच्चा सप्ताह में महज एक दिन भी विद्यालय नहीं जाता है, तो उसकी पूरे एक सप्ताह की पढ़ाई की क्षति हो जाती है.
  • अभिभावकों की जागरूकता: बच्चों के इस नुकसान को रोकने के लिए उनके माता-पिता को जागरूक करने और बच्चों को प्रतिदिन अनिवार्य रूप से विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित करने को कहा गया.

पंचायत से वार्ड स्तर तक समन्वय बनाकर काम करने की कार्ययोजना

बाल विवाह और बाल मजदूरी जैसी कुप्रथाओं से मुक्ति के लिए पंचायत से लेकर वार्ड स्तर तक एक विशेष निगरानी तंत्र और जागरूकता ढांचा तैयार करने का निर्णय लिया गया है:

  • वार्ड स्तर पर बैठकें: आंगनबाड़ी सेविका, विद्यालय के शिक्षक और पंचायत के मुखिया से लेकर वार्ड सदस्य तक सभी जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे.
  • अनाथ बच्चों के लिए कल्याणकारी योजनाएं: जिन बच्चों के माता-पिता या उनमें से किसी एक की मृत्यु हो चुकी है, उन्हें सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने के लिए स्थानीय स्तर पर जागरूकता फैलाई जाएगी.
  • विभागीय समन्वय: प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) ललित कुमार मिश्रा और बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) अंजू कुमारी ने सभी विभागों को एक साथ मिलकर, आपसी समन्वय से काम करने की सख्त सलाह दी.

बैठक में उपस्थित मुख्य प्रशासनिक अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता

इस महत्वपूर्ण त्रैमासिक बैठक में प्रशासनिक अमले के साथ-साथ समाज के प्रबुद्ध जनों की भी सक्रिय भागीदारी रही:

  • प्रशासनिक अधिकारी: बीडीओ ललित कुमार मिश्रा, सीडीपीओ अंजू कुमारी और विभाग की सभी महिला पर्यवेक्षिकाएं.
  • पंचायत स्तर के कर्मी: पंचायत सचिव अशर्फी कुमार और अभिषेक पांडे.
  • सामाजिक भागीदारी: सामाजिक कार्यकर्ता दयाशंकर झा ‘मदन’ सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे.

कवच परियोजना एवं प्रखंड प्रशासन की संयुक्त समीक्षा: “बाल कल्याण और बाल संरक्षण हमारी सामाजिक और कानूनी जिम्मेदारी है. अलीनगर प्रखंड में बाल विवाह का बढ़ता ग्राफ और मखाना उद्योग में बच्चों का नियोजन सामूहिक चिंता का विषय है. जब तक शिक्षा को लेकर माता-पिता जागरूक नहीं होंगे और सभी विभाग मिलकर वार्ड स्तर तक सख्त निगरानी नहीं रखेंगे, तब तक इस कुप्रथा से मुक्ति संभव नहीं है. अनाथ बच्चों को योजनाओं का लाभ देना और हर बच्चे को नियमित स्कूल भेजना ही हमारा मुख्य संकल्प है.”

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By Aaruni Thakur

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