दरभंगा के अलीनगर से एम ए सारिम की रिपोर्ट
Darbhanga News:जिले के अलीनगर प्रखंड कार्यालय के सभागार में बुधवार को प्रखंड स्तरीय बाल संरक्षण समिति की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई. प्रमुख प्रतिनिधि राजीव कुमार यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बच्चों के कल्याण, बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण और बच्चों को नियमित स्कूल भेजने जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई. बैठक में ‘कवच’ परियोजना दरभंगा की मिशन एक्सपर्ट श्रीमती सोनाली कुमारी और प्रखंड समन्वयक श्रीमती बबीता कुमारी मुख्य रूप से शामिल हुईं.
बाल विवाह के बढ़ते आंकड़े चिंताजनक, वार्ड स्तर पर बनेगी रणनीति
बैठक में विशेषज्ञों ने बताया कि जिले में पहले बाल विवाह का औसत अनुपात 23 प्रतिशत था, जो घटने के बजाय बढ़ गया है. इस कुप्रथा को रोकने के लिए अब पंचायत से लेकर वार्ड स्तर तक जागरूकता बैठकें आयोजित की जाएंगी. इस अभियान में प्रखंड के मुखिया से लेकर वार्ड सदस्यों, आंगनबाड़ी सेविकाओं और विद्यालय के शिक्षकों की सक्रिय भूमिका तय की जाएगी, ताकि लोगों को इस सामाजिक बुराई के प्रति जागरूक किया जा सके.
मखाना उद्योग में बाल श्रम और स्कूल से दूरी पर चिंता
बैठक में छोटे बच्चों को मखाना उद्योग में श्रम के लिए लगाए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई गई. इसके अलावा, बच्चों के स्कूल न जाने की समस्या पर भी चर्चा हुई. अधिकारियों ने कहा कि यदि बच्चा सप्ताह में एक दिन भी स्कूल नहीं जाता है, तो उसकी पूरे सप्ताह की पढ़ाई का नुकसान होता है. इसके लिए माता-पिता को जागरूक कर बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया.
अनाथ बच्चों को मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ
कवच परियोजना के सेंटर डायरेक्टर ने बताया कि जिन बच्चों के माता-पिता या दोनों में से किसी एक की मृत्यु हो चुकी है, उनके लिए सरकार कई जनकल्याणकारी योजनाएं चलाती है. बैठक में बीडीओ ललित कुमार मिश्रा और सीडीपीओ अंजू कुमारी समेत उपस्थित अधिकारियों ने इन अनाथ बच्चों को चिन्हित कर योजनाओं का लाभ दिलाने और सभी विभागों को समन्वय बनाकर काम करने का निर्देश दिया.
